
माना जा रहा है कि राजेश कुमार की नियुक्ति के जरिए पार्टी का पहला लक्ष्य विरोधी दलों का मुंह बंद करना है, जो कांग्रेस पर लगातार ये आरोप लगा रहे हैं कि सामाजिक न्याय की वकालत करने वाले राहुंल गांधी अपनी पार्टी में ही अहम पदों पर वंचित समुदायों को नियुक्त नहीं कर रहे हैं।

तेजस्वी यादव जिलावार दौरा कर रहे हैं और हर जिले में 24 घंटे बिताकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं।

बिहार में चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने अपनी तीन सीटें गंवा दी हैं।

बेलागंज एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र है, जहाँ पिछले 34 सालों से एक ही नेता की तूती बोल रही है।

यहाँ नामांकन की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर है। वहीं वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी। आपको बता दें कि 13 नवंबर को झारखंड में भी पहले चरण की वोटिंग होगी।

राज्यसभा सांसद मीसा भारती और विवेक ठाकुर के लोकसभा चुनाव जीतने की वजह से बिहार के कोटे की दो राज्यसभा सीटें ख़ाली हुई हैं। बताते चलें कि लोकसभा चुनाव-2024 में मीसा भारती पाटलिपुत्र और विवेक ठाकुर नवादा से सांसद निर्वाचित हुए हैं।

रायगंज सीट BJP विधायक कृष्ण कल्याणी के इस्तीफ़े की वजह से ख़ाली हुई है। दरअसल, कृष्ण कल्याणी ने विधायकी से इस्तीफ़ा देकर TMC के टिकट पर रायगंज सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन, वह हार गये।

रुपौली सीट जदयू की विधायक बीमा भारती के इस्तीफे से खाली हुई है। बीमा भारती ने इस्तीफा देकर राजद के टिकट पर पूर्णिया सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी हार हुई थी।

रुपौली सीट जदयू की विधायक बीमा भारती के इस्तीफे से खाली हुई है। बीमा भारती ने इस्तीफा देकर राजद के टिकट पर पूर्णिया सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी हार हुई थी।

रायगंज सीट BJP विधायक कृष्ण कल्याणी के इस्तीफ़े की वजह से ख़ाली हुई है। दरअसल, कृष्ण कल्याणी ने विधायकी से इस्तीफ़ा देकर TMC के टिकट पर रायगंज सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन, वह हार गये।

जदयू के पास 16 से 20 प्रतिशत वोट बैंक है, जो वर्ष 2005 में पहली बार नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने से लेकर अब तक कमोबेश कायम है। हालांकि, दिलचस्प बात ये भी है कि जदयू जब भाजपा के साथ रहता है तो उसका वोट शेयर बढ़ता है, मगर राजद के साथ आने पर वोट शेयर में गिरावट आती है। ये बताता है कि भाजपा वोटरों के लिए नीतीश कुमार स्वीकार्य हैं, लेकिन जदयू वोटरों को राजद स्वीकार्य नहीं है।

रुपौली सीट जदयू की विधायक बीमा भारती के इस्तीफे से खाली हुई है। बीमा भारती ने इस्तीफा देकर राजद के टिकट पर पूर्णिया सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी हार हुई थी।

2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्णिया सीट से राजद के टिकट पर बीमा भारती ने चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। चुनाव से पहले वह जदयू छोड़ राजद के साथ आई थीं और विधायक पद से इस्तीफा दिया था।

पूर्व शिक्षक और सोनमा पंचायत के पूर्व मुखिया कलाधर मंडल ने 2020 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर रुपौली से विधानभा चुनाव लड़ा था। तब उन्हें कुल 6,197 मत मिले थे और वह चौथे स्थान पर रहे थे।

डॉ. दिलीप जायसवाल ने बिना नाम लिए बीमा भारती और अवधेश मंडल पर निशाना साधा और कहा कि रुपौली की जनता को डरने की जरूरत नहीं है। अब रुपौली में गोली बंदूक वाले का नहीं चलेगा।