
शिक्षकों के साथ-साथ किशनगंज के आम लोगों ने भी विभाग द्वारा की गई इस लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी जतायी है। उनका कहना है कि विभाग शिक्षकों की छोटी-छोटी ग़लतियों पर सज़ा देता है, लेकिन, जब विभाग की तरफ़ से इतनी बड़ी ग़लती हो जाती है तो किसी पर कार्रवाई भी नहीं होती है। शिक्षकों ने ज़िम्मेदार कर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है।

मनोहरी स्कूल में पिछले तीन दिनों के अन्दर अब तक तक़रीबन तीन दर्जन सांप निकल चुके हैं। इससे छात्र-छात्राओं में दहशत का माहौल है। बच्चे डर से स्कूल जाने से बच रहे हैं।

राज्य में क़रीब पांच लाख अभ्यर्थी पुस्तकालयाध्यक्ष, लाइब्रेरी सहायक और लाइब्रेरी अटेंडेंट के पदों के लिये विज्ञापन निकलने का इंतज़ार कर रहे हैं। इनमें से कई छात्र ऐसे हैं, जिनकी इंतज़ार करते-करते उम्र 40 के क़रीब पहुंच गई है। ऐसे में छात्रों को डर है कि अगर जल्दी बहाली नहीं निकली तो उनकी उम्र बहाली की अधिकतम सीमा के पार पहुंच जायेगी।

उत्क्रमित मध्य विद्यालय चौलहर सह प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय चौलहर में कुल 18 शिक्षक और 497 बच्चे नामांकित हैं, जिसके लिए सिर्फ दो कमरे का ही विद्यालय भवन है। बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापक तथा सहायक शिक्षकों द्वारा अपने निजी कोष से बांस व टीन की चचरी लगाकर बाहर क्लास लगवाया जाता है।

शिक्षकों को समय पर स्कूल आना और छुट्टी के बाद ही स्कूल से जाना होगा। स्कूलों में सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता और पाठ्यक्रम के अनुरूप ही बच्चों को शिक्षा दी जायेगी, यह सभी शिक्षक सुनिश्चित करेंगे और प्रधानाध्यापक इसकी निगरानी करेंगे। इस संबंध में विभाग द्वारा किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जायेगी।

शनिवार को विद्यालय में पूरे दिन गतिविधि जारी रहेगी। मध्यान्तर तक माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन कार्य होगा। भोजनावकाश के बाद बाल संसद, सभा, खेल-कूद, सृजनात्मक गतिविधि, अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जायेगी।

ज़िला अध्यक्ष अमित पासवान ने बताया कि NTA ने वक़्त से पहले NEET परीक्षा का रिज़ल्ट जारी किया है, जिससे कई सारे प्रश्न खड़े होते हैं।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सन्नी सिन्हा ने सभी ज़िला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर अपने जिले में मौजूद सभी सरकारी विद्यालयों के लिए विद्यालयवार व विषयवार शिक्षकों की रिक्ति 25 जून तक भेजने को कहा है।

राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि राज्य में 14 जून तक भीषण हीट वेव चलेगी।

4 जून को छात्रों ने अपना रिज़ल्ट चेक किया तो सभी ख़ुश थे, क्योंकि, इस बार बहुत अच्छे मार्क्स आये थे। लेकिन, जब उनकी नज़र अपने रैंक पर पड़ी तो, वे मायूस हो गये। उनको डर सताने लगा कि इतना ज़्यादा रैंक होने से उनको किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल पायेगा।

विभाग का मानना है कि राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों को शिक्षक पात्रता परीक्षा के उत्तीर्णांक में 5 प्रतिशत की छूट नहीं मिलेगी। किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ सिर्फ बिहार राज्य के निवासियों को ही मिलेगा।

बिहार सरकार ने बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड (BSMEB) को 75 लाख रुपये का अनुदान दिया है। इस पैसे से मदरसा बोर्ड वित्तीय वर्ष 2024-25 में बोर्ड के पदाधिकारियों तथा कर्मचारियों का वेतन भुगतान करेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने राशि जारी करने के लिये बिहार के महालेखाकार (अकाउंटेंट जेनरल) को पत्र लिखा है।

केके पाठक 3 जून से 30 जून यानी कि कुल 28 दिन छुट्टी पर रहेंगे। उनके स्थान पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ को शिक्षा विभाग की ज़िम्मेदारी दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।

अतिथि शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अंजनी कुमार शरण ने सरकार को आदेश दिया था कि एक महीने के अंदर नियोजित शिक्षकों की तरह अतिथि शिक्षकों को भी ग्रेस मार्क्स दिये जायें।

बुधवार को आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि द्वारा यह अनुमान बताया गया है कि राज्य में भीषण गर्मी और लू की स्थिति 8 जून तक बने रहने की संभावना है। इसीलिये विभाग ने 8 जून तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।