Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

पूर्णिया: रुपौली के बलिया घाट पर पुल नहीं होने से पांच लाख की आबादी चचरी पुल पर निर्भर 

पुल नहीं रहने की वजह से सबसे ज़्यादा दिक्कत उन किसानों को होती है, जिनके खेत नदी के उस पार हैं। किसान चाह कर भी अपनी फसल घर पर नहीं ला पाते हैं।

Tanzil Asif is founder and CEO of Main Media Reported By Tanzil Asif |
Published On :

आज़ादी के सात दशक गुज़रने के बाद भी बिहार के पूर्णिया स्थित रुपौली विधानसभा क्षेत्र के लोग इस चचरी पुल से गुज़रने को मजबूर हैं। रुपौली प्रखंड की कांप पंचायत स्थित क़ारी कोसी नदी के बलिया घाट पर बने इस चचरी पुल से तीन ज़िले पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा के लोग गुज़रते हैं। सैलाब के वक़्त चचरी पुल भी ख़त्म हो जाता है। चचरी पुल ख़त्म होने पर लोगों को तक़रीबन तीन किलोमीटर नाव से ही सफर करना पड़ता है। लोग लंबे समय से यहां पर पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन, जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण जयप्रकाश मंडल बताते हैं कि दो दर्जन गांव के लोग पुल ना होने से प्रभावित हैं, लेकिन, चुनाव के वक़्त यह मुद्दा नहीं बन पाता है।

नदी के इस पार रहने वाले लोगों के लिये रुपौली प्रखंड मुख्यालय जाने का यह मुख्य रास्ता है। दूसरा रास्ता भी है, लेकिन, उधर से जाने में बहुत घूम कर जाना पड़ता है। भाकपा माले से जुड़े बलिया गांव के गोपाल कुमार राम बताते हैं कि पुल नहीं होने की वजह से कई बार यहां पर हादसा हो चुका है, लेकिन, उसके बावजूद इस घाट पर पुल बनाने के लिये किसी भी जनप्रतिनिधि की तरफ़ से कोई पहल नहीं हुई है।

Also Read Story

पूर्णिया: लगातार हो रही बारिश से नदी कटाव ज़ोरों पर, कई घर नदी में विलीन

अमौर के लालटोली रंगरैया में एक साल के अन्दर दोबारा ढह गया पुल का अप्रोच

अब बिहार के सहरसा में गिरा पुल, आनन फ़ानन में करवाया गया मरम्मत

कटिहार: वैसागोविंदपुर की पांच हज़ार से अधिक आबादी चचरी पुल पर निर्भर

जर्जर स्थिति में है अररिया को सुपौल से जोड़ने वाली यह सड़क, दर्जनों पंचायत प्रभावित

धंसा गया किशनगंज का बांसबाड़ी पुल, बिहार में 10 दिनों के अन्दर चौथा पुल हादसा

किशनगंज में बिजली की लचर व्यवस्था से एक हफ्ते से चाय फैक्ट्रियां बंद

किशनगंज: तीन दिनों से पासपोर्ट सेवा केंद्र ठप, विभागीय लापरवाही से बढ़ी आवेदकों की मुसीबत

किशनगंज में ठप हुई बिजली व्यवस्था, जिले के अलग अलग क्षेत्रों में लोगों का प्रदर्शन  

पुल नहीं रहने की वजह से सबसे ज़्यादा दिक्कत उन किसानों को होती है, जिनके खेत नदी के उस पार हैं। किसान चाह कर भी अपनी फसल घर पर नहीं ला पाते हैं। स्थानीय किसान अमरीका मंडल ने बताया कि बलिया घाट पर पुल की बहुत ज़्यादा ज़रूरत है, लेकिन, कोई इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक यहां पर पुल नहीं बनेगा तब तक यहां रहने वाले लोगों की दिक़्क़त ख़त्म नहीं होगी।


आपको बता दें कि यह इलाक़ा पूर्णिया ज़िले के रुपौली विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। 10 जुलाई को पूर्णिया की रुपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। रुपौली सीट विधायक बीमा भारती के इस्तीफ़े से ख़ाली हुई है। रुपौली विधानसभा सीट से उपचुनाव में दावेदारी कर रहे रवि रौशन बताते हैं कि पुल नहीं होने से लगभग पांच लाख की आबादी प्रभावित होती है। उन्होंने आगे बताया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि आते हैं, वोट लेकर चले जाते हैं, लेकिन समस्या बाक़ी रह जाती है।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

तंजील आसिफ एक मल्टीमीडिया पत्रकार-सह-उद्यमी हैं। वह 'मैं मीडिया' के संस्थापक और सीईओ हैं। समय-समय पर अन्य प्रकाशनों के लिए भी सीमांचल से ख़बरें लिखते रहे हैं। उनकी ख़बरें The Wire, The Quint, Outlook Magazine, Two Circles, the Milli Gazette आदि में छप चुकी हैं। तंज़ील एक Josh Talks स्पीकर, एक इंजीनियर और एक पार्ट टाइम कवि भी हैं। उन्होंने दिल्ली के भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से मीडिया की पढ़ाई और जामिआ मिलिया इस्लामिआ से B.Tech की पढ़ाई की है।

Related News

किशनगंज के इस गांव में बिजली के लटकते तारों से वर्षो से हैं ग्रामीण परेशान

2017 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ किशनगंज का मझिया पुल दे रहा हादसों को दावत

न सड़क, न पर्याप्त क्लासरूम – मूलभूत सुविधाओं से वंचित अररिया का यह प्लस टू स्कूल

“हमलोग डूबे रहते हैं, हमें कोई नहीं देखता” सालों से पुल की आस में हैं इस महादलित गांव के लोग

किशनगंज: शवदाह गृह निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग करने का आरोप, जांच की मांग

सहरसा: पुल निर्माण में हो रही देरी से ग्रामीण आक्रोशित, जलस्तर बढ़ने से बढ़ा खतरा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

अररिया में भाजपा नेता की संदिग्ध मौत, 9 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

अररिया में क्यों भरभरा कर गिर गया निर्माणाधीन पुल- ग्राउंड रिपोर्ट

“इतना बड़ा हादसा हुआ, हमलोग क़ुर्बानी कैसे करते” – कंचनजंघा एक्सप्रेस रेल हादसा स्थल के ग्रामीण

सिग्नल तोड़ते हुए मालगाड़ी ने कंचनजंघा एक्सप्रेस को पीछे से मारी टक्कर, 8 लोगों की मौत, 47 घायल

किशनगंज के इस गांव में बढ़ रही दिव्यांग बच्चों की तादाद