Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

पूर्णिया: डीपीओ पर शिक्षकों को अपमानित करने का आरोप, शिक्षकों का हंगामा

शिक्षकों ने आरोप लगाया कि डीपीओ कौशल कुमार ने उन्हें सीधे तौर पर कह दिया कि वो शिक्षक बनने के लायक ही नहीं हैं। इसके बाद शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा और वे बैठक को बीच में ही छोड़कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हंगामा इतना बढ़ गया कि बैठक हो नहीं पाई। शिक्षकों ने कहा कि वे विभाग से इस बात की शिकायत करेंगे।

Syed Tahseen Ali is a reporter from Purnea district Reported By Syed Tahseen Ali |
Published On :
dpo accused of insulting teachers in purnia

बिहार के पूर्णिया में शिक्षा विभाग के ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) कौशल कुमार पर शिक्षकों को आपमानित करने का आरोप लगा है। इसके बाद बैठक में आए शिक्षकों ने जमकर हंगामा किया।


दरअसल, डीपीओ ने नीट की परीक्षा के मद्देनजर होने वाले मॉक टेस्ट की तैयारी को लेकर सभी सरकारी विद्यालयों के हेड मास्टर और कंप्यूटर साइंस के शिक्षकों के साथ एक बैठक आयोजित की थी। लेकिन, यह बैठक रणक्षेत्र में तब्दील हो गयी। बैठक में शामिल होने आए शिक्षक डीपीओ के खिलाफ आक्रोश जताने लगे।

शिक्षकों ने आरोप लगाया कि डीपीओ कौशल कुमार ने उन्हें सीधे तौर पर कह दिया कि वो शिक्षक बनने के लायक ही नहीं हैं। इसके बाद शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा और वे बैठक को बीच में ही छोड़कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। हंगामा इतना बढ़ गया कि बैठक हो नहीं पाई। शिक्षकों ने कहा कि वे विभाग से इस बात की शिकायत करेंगे।


हालांकि, इस मामले में डीपीओ कौशल कुमार ने शिक्षकों से माफ़ी मांग ली है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए विभाग द्वारा अहम कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें सबको साथ आना है। इसलिए जो भी चर्चा इस बैठक में नहीं हुई है, वह जल्द ही दूसरी बैठक आयोजित कर पूरा किया जायेगा।

“शिक्षा की गुणवत्ता का सवाल है, इसलिए इस बैठक को दोबारा से आहुत किया जाएगा। नीट की तैयारी को लेकर जो मॉक टेस्ट होना है, उसके लिए हेड मास्टर और शिक्षकों के साथ बातचीत की जाएगी। जो भी व्यवहार वहां शिक्षकों के साथ हमने किया है, उसके लिए हमने शिक्षकों से भी माफी मांगी है,” उन्होंने कहा।

Also Read Story

बिहार चुनाव: राजनीतिक पार्टियों के घोषणापत्रों में शिक्षा को जगह देने की मांग

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर अब नहीं लगेगा ब्याज, मुख्यमंत्री ने किया ऐलान

पीएम की पूर्णिया सभा में भीड़ जुटाने के लिए कंडक्टर-खलासी बनाए जा रहे शिक्षक!

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में फीस वृद्धि से सीमांचल के छात्रों पर कितना असर

दशकों पुरानी मांग पूरी, टेढ़ागाछ को मिलेगा डिग्री कॉलेज

बिहार के सरकारी विद्यालयों में लिपिक व चपरासी पदों पर होगी नियुक्ति, अनुकंपा का भी रास्ता खुला

स्थानांतरित शिक्षकों के लिए विद्यालय आवंटन प्रक्रिया शुरू

बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास करने के बावजूद अभ्यर्थी बेरोज़गार, महीनों बाद भी नियुक्ति नहीं

बिहार में सिर्फ कागज़ों पर चल रहे शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज़ केंद्र?

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

सैयद तहसीन अली को 10 साल की पत्रकारिता का अनुभव है। बीते 5 साल से पुर्णिया और आसपास के इलाकों की ख़बरें कर रहे हैं। तहसीन ने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

Related News

अररिया के सैकड़ों शिक्षकों का एरियर सालों से लंबित, डीपीओ पर अनियमितता का आरोप

जब मैट्रिक परीक्षा केंद्र में फैल गई भूत-प्रेत की अफ़वाह

बिहार के ग्रामीण स्कूलों में नामांकन बढ़ा, लेकिन पढ़ने-लिखने की चुनौतियाँ बरकरार

बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा: देरी से पहुंचने पर नहीं मिला प्रवेश, रो पड़ीं छात्राएं

बिहार: इंटर परीक्षार्थियों के लिए निर्देश जारी, नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई

प्रोफेसर विवेकानंद सिंह बने पूर्णिया विश्वविद्यालय के नए कुलपति

70वीं BPSC परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन का क्या है पूरा मामला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क

बिहार SIR नोटिस से डर के साय में हैं 1902 में भारत आये ईरानी मुसलमान