बिहार में मुस्लिम विधायकों की संख्या लगातार घटती ही जा रही है। 2015 में बिहार विधानसभा में 24 मुस्लिम विधायक थे, जो 2020 में घट कर 19 हो गया और इस बार 2025 में और भी घटकर सिर्फ 11 हो गया। 2015 और 2020 में अकेले सीमांचल से 11 मुस्लिम विधायक चुनाव जीत कर गए थे, लेकिन इस बार सीमांचल में सिर्फ 7 मुस्लिम जीत पाए हैं। बिहार में मुस्लिम आबादी 17.7% है, उस हिसाब से कमसे कम 43 मुस्लिम विधायक होने चाहिए, लेकिन इस बार सिर्फ 11 चुने गए हैं। इन 11 में से 5 AIMIM से हैं, तीन राजद, दो कांग्रेस और एक जदयू से जीते हैं।
1. पूर्णिया ज़िले के अमौर से AIMIM के अख्तरुल ईमान दोबारा चुनाव जीते हैं। इससे पहले वो तीन बार कोचाधामन से विधायक रहे हैं, यानि विधानसभा चुनावों में ये उनकी पांचवीं जीत है।
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2. पूर्णिया ज़िले के बायसी से AIMIM के ग़ुलाम सरवर जीते हैं, ये सरवर की पहली जीत है। उनकी पत्नी वाहिदा सरवर पूर्णिया जिला परिषद की अध्यक्ष हैं।
3. किशनगंज ज़िले के बहादुरगंज से AIMIM के तौसीफ आलम जीते हैं। ये उनकी पांचवीं जीत है। इससे पहले वो कांग्रेस से जुड़े थे और पहले चार बार बहादुरगंज से चुनाव जीते थे।
4. किशनगंज ज़िले के कोचाधामन से AIMIM के सरवर आलम जीते हैं, ये उनकी पहली बात जीत है। सरवर राजद के किशनगंज जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और उनकी पत्नी किशनगंज परिषद् की पूर्व अध्यक्ष हैं।
5. अररिया ज़िले के जोकीहाट से AIMIM के मुर्शिद आलम जीते हैं, ये उनकी पहली जीत है। मुर्शिद और उनका परिवार लम्बे समय से पलासी प्रखंड की दो पंचायतों से मुखिया रहे हैं।
6. अररिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के अबिदुर रहमान लगातार तीसरी बार चुनाव जीते हैं। वह राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता और चाचा किशनगंज व अररिया इलाके से क्रमशः विधायक व सांसद रह चुके हैं।
7. किशनगंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के कमरुल होदा जीते हैं। ये उनकी दूसरी जीत है। 2019 किशनगंज विधानसभा उपचुनाव में वह पहली बार AIMIM के टिकट पर जीते थे।
सीमांचल के बाहर इस बार सिर्फ चार मुस्लिम ही चुनाव जीत पाए हैं।
8. सिवान ज़िले के रघुनाथपुर से राजद के ओसामा शहाब जीते हैं। ओसामा वरिष्ठ राजद नेता व सिवान के सांसद रहे मरहूम शाहबुद्दीन के बेटे हैं।
9. मधुबनी के बिस्फी से राजद के आसिफ अहमद चुनाव जीते हैं। आसिफ राजद के राज्यसभा सांसद और बिस्फी के पूर्व विधायक फ़ैयाज़ अहमद के बेटे हैं।
10. पूर्वी चम्पारण के ढाका से राजद के फैसल रहमान जीते हैं। फैसल और उनके पिता मतीउर रहमान पहले भी यहाँ से विधायक रहे हैं।
11. वहीं कैमूर ज़िले के चैनपुर से जदयू के जमा खान दोबारा चुनाव जीते हैं। वह पिछली बार बसपा के टिकट पर चुनाव जीते थे, लेकिन जदयू में शामिल हो गए और नीतीश सरकार में मंत्री बनाये गए।
तो सिर्फ ये 11 सीटें हैं जहाँ से इस बार मुस्लिम चुनाव जीत पाए हैं। इसके अलावा 22 सीटें ऐसी हैं जहाँ मुस्लिम प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे और चुनाव हार गए।
1. आरा से भाकपा माले के केमुद्दीन अंसारी
2. बलरामपुर से AIMIM के आदिल और भाकपा माले के महबूब आलम
3. बरारी से कांग्रेस के तौक़ीर आलम
4. बेतिया से कांग्रेस के वसी अहमद
5. बिहारशरीफ से कांग्रेस के ओमैर खान
6. गौरा बौराम से राजद के अली अफ़ज़ल खान
7. गोरियाकोठी से राजद के अनवारुल हक़
8. जमुई से राजद के शमशाद आलम
9. कदवा से कांग्रेस के शकील अहमद खान
10. काँटी से राजद के इसराइल मंसूरी
11. कसबा से कांग्रेस के इरफ़ान आलम
12. केवटी से राजद के फ़राज़ फातमी
13. नरकटिया से राजद के शमीम अहमद
14. नाथनगर से राजद के शेख ज़िआउल हसन
15. प्राणपुर से राजद की इशरत परवीन
16. रफीगंज से राजद के ग़ुलाम शाहिद
17. समस्तीपुर से राजद के अख्तरुल इस्लाम शाहीन
18 .सिकटा से निर्दलीय खुर्शीद फ़िरोज़ अहमद
19. सिमरी बख्तियापुर से राजद के युसूफ सलाउद्दीन
20. सुपौल से कांग्रेस के मिन्नतुल्लाह रहमानी
21. सुरसंड से राजद के सैयद अबू दोजना
22. ठाकुरगंज से AIMIM के ग़ुलाम हुसनैन और राजद के सऊद आलम
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