बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों की मांगों के बीच शिक्षा विभाग ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को पत्र भेजा है। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन ने 24 अगस्त 2026 को BPSC के अध्यक्ष को पत्र लिखकर छात्र संघों की ओर से रखी गई मांगों से अवगत कराया है और इन पर आगे की कार्रवाई का अनुरोध किया है।
पत्र के मुताबिक, 24 अगस्त की दोपहर विभिन्न छात्र संघों के प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात कर TRE-4 से संबंधित अपनी मांगें रखीं। छात्र संघों ने परीक्षा के पाठ्यक्रम और प्रश्नों की प्रकृति को लेकर कई सुझाव दिए हैं।
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छात्र संघों की प्रमुख मांग TRE-4 की आगामी प्रारंभिक परीक्षा (PT) के सिलेबस को लेकर है। पत्र में कहा गया है कि शिक्षक मुख्य रूप से B.Ed और D.El.Ed जैसी शिक्षक प्रशिक्षण योग्यताएं हासिल करने के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में छात्र संघों का कहना है कि शिक्षक अभ्यर्थियों की शैक्षणिक और शिक्षण क्षमता को ध्यान में रखते हुए परीक्षा में बाल मनोविज्ञान और शिक्षण विधि से जुड़े प्रश्नों को पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए।
50% प्रश्न बाल मनोविज्ञान और 30% बिहार से जुड़े प्रश्नों की मांग
शिक्षा विभाग को दिए गए सुझाव में TRE-4 की आगामी PT परीक्षा के सिलेबस में 50 प्रतिशत प्रश्न बाल मनोविज्ञान से शामिल करने की मांग की गई है।
वहीं, बाकी 50 प्रतिशत प्रश्न सामान्य ज्ञान व सामान्य अध्ययन (GK/GS) से रखने का सुझाव दिया गया है। छात्र संघों ने GK/GS के प्रश्नों में बिहार से संबंधित विषयों को भी प्रमुखता देने की मांग की है।
पत्र में छात्र संघों की ओर से यह भी मांग रखी गई है कि GK/GS के हिस्से में शामिल प्रश्नों में 30 प्रतिशत प्रश्न बिहार से संबंधित हों। इन प्रश्नों में बिहार का गौरवशाली इतिहास, राज्य की राजनीतिक एवं आर्थिक परिस्थितियां, भौगोलिक क्षेत्र तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
छात्र संघों का तर्क है कि बिहार में शिक्षक नियुक्ति के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा में राज्य से संबंधित सामान्य ज्ञान को उचित स्थान मिलना चाहिए।
शिक्षा विभाग ने BPSC से मांगी आगे की कार्रवाई
शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन ने पत्र के माध्यम से BPSC अध्यक्ष को छात्र संघों की ओर से उठाई गई इन मांगों से अवगत कराया है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि छात्र संघों द्वारा रखी गई मांगों के संबंध में आवश्यक एवं अग्रेतर कार्रवाई की जाए।
हालांकि, पत्र में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि BPSC इन सुझावों को TRE-4 के परीक्षा पैटर्न में शामिल करेगा या नहीं। परीक्षा के अंतिम सिलेबस और पैटर्न को लेकर निर्णय आयोग की ओर से लिया जाना है।
फिलहाल शिक्षा विभाग ने छात्र संघों की मांगों को BPSC तक पहुंचा दिया है। अब इन सुझावों पर अंतिम निर्णय बिहार लोक सेवा आयोग को लेना है।
886 पद बढ़ने से अभ्यर्थियों को राहत
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षक अभ्यर्थियों को बड़ी खुशखबरी भी दी है। उन्होंने बताया कि TRE-4 में पहले घोषित पदों की संख्या 32,388 थी। अब 886 अतिरिक्त पद जुड़ने के बाद कुल रिक्तियों की संख्या 33,274 हो गई है। इससे शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अवसर बढ़ गया है।
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