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दूध कारोबार ने बदली किस्मत

साल 2020 में भारत में दूध की कुल मांग 1990 लाख मेट्रिक टन थी, जो साल 2022 में 2030 लाख मेट्रिक टन हुई और अब 2023 में बढ़कर 2070 लाख मेट्रिक टन होने की उम्मीद है।

ved prakash Reported By Ved Prakash |
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A man milking a cow

आज भारत पूरी दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। दुनिया के कुल दूध उत्पादन में भारत का योगदान 23% है।


दूध उत्पादन के अलावा देश में बढ़ती आबादी के साथ ही दूध की मांग भी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। साल 2020 में भारत में दूध की कुल मांग 1990 लाख मेट्रिक टन थी, जो साल 2022 में 2030 लाख मेट्रिक टन हुई और अब 2023 में बढ़कर 2070 लाख मेट्रिक टन होने की उम्मीद है।

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आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन ज्यादा मात्रा में होता रहा है। लेकिन दूध की बढ़ती मांग को देखते हुए अब शहरों में भी लोग डेयरी फार्म खोलकर बिजनेस करना शुरू कर रहे हैं।


इसी कड़ी में बिहार के अररिया शहर में शिवपुरी वार्ड नंबर 9 के सुरेश यादव और उनके सहयोगी दिनेश झा ने मिलकर 5 साल पहले श्री डेयरी नामक फर्म की स्थापना की थी। तब से यह डेयरी फार्म लगातार 4 सप्लायरों को दूध उपलब्ध करवा रहा है। यहां रोजाना लगभग 100 लीटर दूध का उत्पादन होता है। दूध के ज्यादातर खरीदार आसपास के लोग ही होते हैं। उसके अलावा बचा हुआ दूध स्थानीय दुकानदारों को बेच दिया जाता है।

डेयरी फॉर्म खोलकर आत्मनिर्भर बनने में महिलाएं भी पीछे नहीं है। अररिया जिले की जमुआ पंचायत की मूलनिवासी ममता झा अररिया शहर में किराए की जगह लेकर पिछले 15 सालों से प्योर डेयरी नामक डेयरी फार्म चला रही हैं। उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत एक गाय से की थी और आज उनके पास 20 गाय हैं। उनके डेयरी में दिन लगभग 200 लीटर दूध का उत्पादन होता है और ₹3000 प्रतिदिन की बचत होती है।

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अररिया में जन्मे वेद प्रकाश ने सर्वप्रथम दैनिक हिंदुस्तान कार्यालय में 2008 में फोटो भेजने का काम किया हालांकि उस वक्त पत्रकारिता से नहीं जुड़े थे। 2016 में डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। सीमांचल में आने वाली बाढ़ की समस्या को लेकर मुखर रहे हैं।

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