
पीड़िता के परिवार ने वर्ष 2018 में ही पहली बार महिला थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, मगर लेकिन उस वक्त थाने में उनकी अनदेखी की और शिकायत नहीं ली।

नीतीश कुमार और खुश्बू पांडेय हिन्दू स्वाभिमान मंच से जुड़े हुए हैं। खुश्बू पांडेय सोशल मीडिया पर अक्सर मुस्लिम विरोधी बयान देती रहती हैं।

बिहार के किशनगंज जिले के बहादुरगंज थानांतर्गत मिरधनडांगी गांव से दो सप्ताह पूर्व ट्रैक्टर के साथ लापता हुए चालक टिंकू कुमार का शव बरामद किया गया है।

शकील खान कटिहार ज़िले के कदवा से विधायक हैं।

बॉबी देवी ने बहादुरगंज पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके पति छह दिनों से गायब हैं लेकिन बहादुरगंज थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने के बाद हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।

इस पूरे गैंगवार के पीछे तात्कालिक वजह हेमजा गांव का रहने वाला मुकेश है, जिसके मकान की तालाबंदी कर दी गई थी।

बिहार के किशनगंज में लूट की फ़र्ज़ी शिकायत लिखाकर अपनी ही कंपनी के पैसे हड़पने के आरोप में पुलिस ने एक शख़्स को गिरफ़्तार किया। मामला किशनगंज के पोठिया थाने का है जहां एक शिकायतकर्ता ही लूट का मुख्य आरोपी निकला। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के मोइनागुड़ी के रहने वाले संजय रॉय नामक व्यक्ति […]

आंकड़े बताते हैं कि हिंसा का शिकार होने वाली अधिकांश महिलाओं की उम्र 36 साल से अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, 145 में से 118 महिलाओं की उम्र 36 साल से अधिक है और पीड़ितों में से 75 प्रतिशत महिलाएं शादीशुदा हैं।

शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी का भी आरोप लगाया है।

बाबर उर्फ आदिल उर्फ पापड़, किशनगंज जिले के पिछला पतलवा का निवासी था और बिहार के सीमांचल इलाके से लेकर पश्चिम बंगाल तक उसने आतंक फैला रखा था।

चैनबानू की मौत के बाद गांव में पंचायत बैठी, जिसमें जान की कीमत 3 लाख 30 हजार रुपये लगाई गई।

एफआईआर में कोचाधामन प्रखंड निवासी नकी अनवर, मो. फरहान, असगर, ज़ेबा और नाजमीन को आरोपी बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, नकी अनवर मौधो पंचायत के मुखिया पति कारी मसकूर का भाई है, जबकि मो. फरहान की मां सोन्था पंचायत समिति की सदस्य हैं।

'बांग्ला पक्खो' (बांग्ला पक्ष) के संस्थापक अध्यक्ष गर्ग चटर्जी हैं। इस संगठन की स्थापना जनवरी 2018 में हुई थी और वर्तमान में इसकी शाखाएं पूरे राज्य में फैली हुई हैं।

मामला कटिहार जिले के शब्दा गाँव का है, जहां के रहने वाले मुकेश कुमार मल्लिक ने पोठिया थाने में लिखित आवेदन देकर शिकायत की है।

आरोपी ने फर्जी पहचान के आधार पर कसबा में ‘एकम किसान हट प्राइवेट लिमिटेड’ नामक एक कंपनी बना रखी थी और इसके जरिए कसबा के सैकड़ों बेरोज़गार युवक-युवतियों को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली।