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“हालात बदतर, हमें नहीं पता क्या होगा”- युक्रेन में फंसी कटिहार की छात्रा से बातचीत

निक्की यूक्रेन के शहर इवानो फ्रैंकिवस्क में यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रही हैं। उनके साथ हाॅस्टल में करीब 500 छात्र रह रहे हैं। इनमें बिहार के भी कुछ छात्र हैं। निक्की समेत हाॅस्टल के अन्य सभी छात्र डाॅक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं।

Reported By Umesh Kumar Ray |
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“हम सबको लग रहा है कि हम सबसे सुरक्षित जगह हैं, लेकिन कोई सुरक्षित नहीं है। आज सुबह ही हमारे शहर में रूस का हमला हुआ है,” यूक्रेन में फंसी कटिहार की छात्रा निक्की पटेल ने मैं मीडिया से कहा।

निक्की यूक्रेन (Ukraine) के शहर इवानो फ्रैंकिवस्क में यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रही हैं। उनके साथ हाॅस्टल में करीब 500 छात्र रह रहे हैं। इनमें बिहार (Bihar News) के भी कुछ छात्र हैं। निक्की समेत हाॅस्टल के अन्य सभी छात्र डाॅक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं।

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बताया जा रहा है कि यूक्रेन के अलग अलग हिस्सों में तकरीबन 15,000 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं।

यूक्रेन और रूस (Ukraine and Russia) में हो रहे सैन्य संघर्ष से वहां रह रहे भारतीय छात्र बेतरह भयभीत हैं और उन्हें हर पल अनहोनी की चिंता सता रही है। ये छात्र जल्द से जल्द स्वदेस लौटना चाहते हैं।

निक्की ने मैं मीडिया को बताया, “इवानो फ्रैंकिवस्क शहर में ही लगभग 5000 भारतीय रह रहे हैं, जो युद्ध में फंस गये हैं। यहां हालात बेहद खराब हैं और कभी भी, कुछ भी हो सकता है।”

Indian students stranded in Ukraine Nikki Patel

गौरतलब हो कि पिछले कुछ समय से यूक्रेन और रूस के बीच तनाव तेज हो गया था और फरवरी में स्थिति और भी बिगड़ गई। 22 फरवरी से रूस ने यूक्रेन में अलगाववादियों के नियंत्रित क्षेत्र में सेना भेजना शुरू किया और 24 फरवरी से आधिकारिक तौर पर यूक्रेन पर बमबारी शुरू कर दी।

हालांकि, युद्ध के हालात बनने पर छात्रों ने वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन वे निकल नहीं पाये। निक्की ने कहा, “हमलोगों ने फ्लाइट लेकर लौटने की कोशिश की, लेकिन कोई फ्लाइट हमें नहीं मिली।”

मीडिया रपटों के मुताबिक, यूक्रेन और रूस के बीच तनाव बढ़ने पर अचानक यूक्रेन से आने वाली फ्लाइट्स के दाम आसमान छूने लगे। ये भी एक वजह थी कि छात्र वहां से समय रहते निकल नहीं पाये।

हैरानी की बात है कि इन छात्रों से सीधे तौर न तो यूक्रेन सरकार ने कोई संपर्क किया है और न ही भारत सरकार ने।

निक्की ने कहा, “हमसे सरकार ने किसी तरह का संपर्क नहीं किया है। लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार संपर्क करेगी।”

Indian students stranded in Ukraine Nikki Patel

“हमें यूक्रेन सरकार ने ये तक नहीं बताया कि यहां सुरक्षित ठिकाने कहां हैं, जहां हम जा सकते हैं। हम सब हाॅस्टल में हैं। हम सबको लगता है कि हम सबसे सुरक्षित जगह पर हैं, लेकिन सुबह मेरे शहर पर भी हमला हुआ है,” उन्होंने बताया।

छात्रों ने अपील की है, “कृपया हमारी मदद करें और हमारी सरकार से कहें कि वह हमारी मदद करे।”

यूक्रेन में भारत के राजदूत का संदेश

इस बीच यूक्रेन में भारत के राजदूत पार्थ सतपती ने वीडियो संदेश में यूक्रेन में फंसे लोगों से धैर्य रखने और अपने ठिकानों पर ही रहने की सलाह दी है।

“स्थिति बहुत नाजुक व तनावपूर्ण है तथा हम चिंतित हैं. हवाई मार्ग बंद है। सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। मैं सबसे शांत रहने व हालात से धैर्य के साथ निबटने की अपील करता हूं। भारतीय दूतावास काम कर रहा है,” उन्होंने वीडियो संदेश में कहा।

Indian Ambassador in Ukraine

“हमें पता है कि कुछ जगहों पर एयर साइरन बज रहे हैं और बम धमाकों की चेतावनी हो रही है। अगर आप किसी ऐसी जगह पर हैं, तो गूगल मैप के सहारे पास के बम शेल्टर में जा सकते हैं। इनमें से बहुत सारे जमीन के नीचे बने हुए हैं। हम एक संभावित हल तलाश रहे हैं। तब तक आप अपने ठिकानों पर रहें। बहुत जरूरत पड़ने पर ही बाहर आएं और अपने पास जरूरी कागजात रखें,” पार्थ सतपती ने कहा।

उन्होंने बताया, “भारतीयों से हम अपील करते हैं कि वे जहां हैं, वहीं बने रहें। जो रास्ते में हैं, वे अपनी जगहों पर लौट जाएं। जो कीव में फंस गये हैं, वो यहां रहने वाले अपने रिश्तेदारों से काॅन्टैक्ट करें। भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास मिलकर काम कर रहे हैं। आपको और सूचनाएं जल्द ही दी जाएंगी।”

वहीं दूसरी ओर, भारतीय दूतावास ने यूक्रेन सरकार को पत्र लिखकर फंसे हुए छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

(यूक्रेन में फंसे सीमांचल के छात्र भारत सरकार के लिए अपना संदेश ‘मैं मीडिया’ को mainmediahun@gmail.com पर भेज सकते हैं।)

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Umesh Kumar Ray started journalism from Kolkata and later came to Patna via Delhi. He received a fellowship from National Foundation for India in 2019 to study the effects of climate change in the Sundarbans. He has bylines in Down To Earth, Newslaundry, The Wire, The Quint, Caravan, Newsclick, Outlook Magazine, Gaon Connection, Madhyamam, BOOMLive, India Spend, EPW etc.

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