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Bihar Land Survey: बिहार ज़मीन सर्वे की पूरी प्रक्रिया, घर बैठे करना होगा ये सब काम

सर्वे का मतलब है जमीन से जुड़े कागजात को व्यवस्थित करना। इसके साथ-साथ, जमीन की बाउंड्री तय की जाएगी और जमीन मालिक के नाम से एक नया रजिस्टर तैयार किया जाएगा, जिसे हम खतियान भी कहते हैं।

shah faisal main media correspondent Reported By Shah Faisal |
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complete process of bihar land survey

बिहार में जमीन का सर्वे चल रहा है। सर्वे का मतलब है जमीन से जुड़े कागजात को व्यवस्थित करना। इसके साथ-साथ, जमीन की बाउंड्री तय की जाएगी और जमीन मालिक के नाम से एक नया रजिस्टर तैयार किया जाएगा, जिसे हम खतियान भी कहते हैं। यह सर्वे कई चरणों में किया जाएगा, इसलिए घबराने या जल्दबाजी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।


इसके साथ, गैरजरूरी खर्च करने की भी कोई ज़रूरत नहीं है। इस सर्वे के दौरान आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए, और प्रपत्र 2 को कैसे भरना चाहिए—आज के इस वीडियो में हम इन्हीं मसलों पर चर्चा करेंगे।

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प्रपत्र 2 और वंशावली: सही तरीके से कैसे भरें

सर्वे की शुरुआत में सभी रैयतों को प्रपत्र 2 और वंशावली भरकर सर्वे अमीन को जमा देना होता है। इस कागजात के ज़रिए आप सर्वे टीम को बताते हैं कि आपके पास कितनी जमीन है और उसके हिस्सेदार कौन-कौन हैं। जिस ज़मीन की जानकारी आपने दी है, अगर उस जमीन में और भी हिस्सेदार हैं, तो आपको वंशावली भी जमा करनी होगी। और अगर कोई हिस्सेदार नहीं है तो वंशावली देने की कोई जरूरत ही नहीं है।


वहीं हिस्सेदार वाले रैयतों को वंशावली के लिए ज्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। आप इसे एक साधारण कागज पर लिखकर भी जमा कर सकते हैं। इसमें किसी के हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है, और न ही एफिडेविट की।

ये दोनों काग़ज़ में लिखी बातें आपने खुद बतायी हैं इसका मतलब यह नहीं है कि सर्वे में बातें मान ली जाएंगी। वंशावली और प्रपत्र 2 में आप जो भी जानकारी देंगे उसकी गहन जांच होगी और गांव वालों को बताया जाएगा, तब जाकर निर्णय लिया जाएगा।

अब बात करते हैं कि प्रपत्र 2 कैसे भरना है।

आपके पास जितनी भी जमीन है, उसकी पूरी जानकारी इस फॉर्म में भरनी है। ध्यान रखें कि लिखावट साफ हो, ताकि पढ़ने और समझने में कोई दिक्कत न हो। यदि एक फॉर्म में सारी जानकारी नहीं आ पाती है, तो आप एक से अधिक फॉर्म का भी उपयोग कर सकते हैं।

सर्वे के बाद गांव सभा में क्या होता है?

प्रपत्र 2 का काम पूरा होने के बाद, हर गांव में सर्वे टीम, पंचायत के प्रतिनिधि, और गांववालों के साथ एक सभा होगी। इसमें वंशावली और प्रपत्र 2 में दी गई जानकारी की जांच की जाएगी। अगर किसी को कोई आपत्ति हो, तो उसे दर्ज की जाएगी। सुधार की बात आएगी तो सुधार करने की कोशिश होगी और अगर कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो उस जमीन पर सर्वे का काम न्यायालय के आदेश आने तक के लिए स्थगित किया जाएगा।

विडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर दें ताकि हर किसी तक सही जानकारी पहुंच सके। साथ ही साथ यदि आपके मन में सर्वे के संबंधित कोई सवाल है तो कमेंट करके या फिर हमें मैसेज करके ज़रूर बताएं। हम कोशिश करेंगे कि आसान भाषा में आपके सवालों का जवाब दे सकें।

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Shah Faisal is using alternative media to bring attention to problems faced by people in rural Bihar. He is also a part of Change Chitra program run by Video Volunteers and US Embassy. ‘Open Defecation Failure’, a documentary made by Faisal’s team brought forth the harsh truth of Prime Minister Narendra Modi’s dream project – Swacch Bharat Mission.

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