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सोशल मीडिया पर कमेंट करना शिक्षिका को पड़ा महंगा, कटा वेतन

शिक्षा विभाग ने इसको विभाग और सरकार के विरुद्ध अनावश्यक टिप्पणी मानते हुए इसे शिक्षक पद के आचरण के विरुद्ध बताया है। पटना के ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी ने शिक्षिका को 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। वरना उनपर अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
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commenting on social media cost the teacher dearly in bihar

बिहार में शिक्षा विभाग के अधिकारी नए-नए आदेशों को लेकर अक्सर विवादों में रहते हैं। एक तरफ जहां गर्मी की छुट्टी में भी शिक्षकों को स्कूल आना पड़ा, तो दूसरी ओर छुट्टी के बाद स्कूल की टाइमिंग सुबह 6 बजे से कर दी गई, जिस पर काफी विवाद भी हुआ।


ताज़ा मामला एक शिक्षिका के सोशल मीडिया पर कमेंट करने से जुड़ा है। विभाग को शिक्षिका का कमेंट करना इतना नागवार गुज़रा कि विभाग ने शिक्षिका का एक सप्ताह का वेतन काटने का आदेश दे दिया।

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दरअसल, पटना की शिक्षिका सीमा कुमारी ने एक टिप्पणी की थी। टिप्पणी में उन्होंने लिखा था कि “शिक्षक की मानसिकता से खिलवाड़ किया जा रहा है।”


शिक्षा विभाग ने इसको विभाग और सरकार के विरुद्ध अनावश्यक टिप्पणी मानते हुए इसे शिक्षक पद के आचरण के विरुद्ध बताया है। पटना के ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी ने शिक्षिका को 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। वरना उनपर अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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