बिहार चुनाव से पहले NDA में घमासान जारी है। सहयोगी दल LJP के अध्यक्ष चिराग पासवान पहले से ही नीतीश कुमार और JDU पर हमलावर थे। हालांकि बीते कुछ दिनों से खुद चिराग और उनकी पार्टी LJP शांत बैठे थे लेकिन बिहार NDA में मांझी की एंट्री के बाद भिड़ंत बढ़ती जा रही है। आज चिराग पासवान ने नीतीश कुमार पर फिर से लेटर बम गिराया है।

बीते कुछ दिनों से चिराग नीतीश पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। दरअसल शुक्रवार को ही नीतीश कुमार ने ये ऐलान किया कि SC- ST वर्ग में आने वाले परिवारों में किसी सदस्य की हत्या होने पर पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी।

सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने जमकर हमला बोला था। बिहार सरकार के इस फैसले की आलोचना हो ही रही थी कि जीतन राम मांझी नीतीश कुमार के बचाव में आ गए और कहा कि नीतीश कुमार की आलोचना से पहले लोगों को यह एक्ट पढ़ने की सलाह दी। मांझी ने कहा कि ये कानून 1989 का है जिसमें रोजगार देने का प्रावधान मौजूद है।

लेकिन LJP सुप्रीमो चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार को एक चिट्ठी लिखकर विपक्ष के नेताओं से भी ज्यादा तगड़ा हमला बोला है। चिराग ने लिखा है कि अगर एससी-एसटी को लेकर बिहार सरकार का यह फैसला चुनावी घोषणा नहीं है तो पिछले पंद्रह सालों में जितने भी दलितों की हत्या हुई है उन सभी के परिजनों को बिहार सरकार नौकरी दे।

एससी-एसटी वर्ग के लोगों से बिहार सरकार ने 3 डिसमिल जमीन देने का वादा किया था यह वादा भी आज तक पूरा नहीं हुआ है। जिससे इस वर्ग के लोगों को निराशा हाथ लगी।

हत्या एक अपराध है और और अपराधियों में डर न्यायिक प्रक्रिया का होना चाहिए ताकि हत्या जैसे जघन्य अपराध से बचे। चिराग पासवान ने आगे लिखा कि अनुसूचित जाति-जनजाति हीं नहीं बल्कि किसी भी वर्ग के व्यक्ति की हत्या न हो इस दिशा में भी कठोर कदम उठाने की जरूरत है।

पिछले 15 साल में जितने भी एससी-एसटी के हत्या का मामला न्यायालय में लम्बित है उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट में सौंपा जाए। इन दोनों मांगों के साथ लोक जनशक्ति पार्टी सहमत है। LJP की यह मांग अगर सरकार मानती है तो सम्पूर्ण बिहार का विश्वास बढ़ेगा अन्यथा जनता इसको मात्र चुनावी घोषणा मानेगी।

चिराग के इस बयान पर अभी JDU की तरफ से कोई प्रतिक्रिया भी नहीं आई थी कि जीतन राम मांझी की पार्टी ने चिराग पर तीखा हमला बोलते हुए बयान जारी कर दिया। हालांकि बयान जारी करने के कुछ ही मिनटों में पार्टी ने ये बयान वापस भी ले लिया।

अंदरखाने से जो जानकारी हमें मिली है, उसके मुताबिक कल यानी सोमवार को चिराग पासवान दिल्ली में बैठक करने वाले हैं और इस दौरान वो कोई बड़ा निर्णय भी ले सकते हैं।

हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने अपना बयान इसीलिए वापस लिया कि अगर कल को चिराग कोई फैसला लेते हैं तो उसकी तोहमत जीतन राम मांझी पर न मढ़ी जाए। हालांकि इतना तो साफ है कि चिराग की काट के तौर पर ही नीतीश मांझी को अपने साथ लाये और कम से कम अभी तक तो वो अपने प्लान में सफल दिखाई पड़ रहे हैं।

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