Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

BPSC शिक्षक बहाली के लिए आवेदन 15 जून से

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक बहाली के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। अभ्यर्थी 15 जून से 12 जूलाई के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :

बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक बहाली के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। अभ्यर्थी 15 जून से 12 जुलाई के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क 750 रुपये, एससी/एसटी, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए परीक्षा शुल्क 200 रुपये रखा गया है।

जो अभ्यर्थी आवेदन के समय अपनी आधार संख्या दर्ज नहीं कराएंगे, उन्हें बायोमेट्रिक शुल्क के रूप में 200 रुपये अतिरिक्त अदा करना होगा।

Also Read Story

BPSC द्वारा बहाल होंगे प्रारंभिक स्कूलों के हेडमास्टर, विभाग ने बनायी नई नियमावली

शिक्षकों को बच्चों से 15 मिनट पहले स्कूल आना पड़ेगा: नीतीश कुमार

बिहार में सरकारी स्कूलों का समय बदला, अब 10-4 होगी पढ़ाई

डोमिसाइल के लिये मुख्यमंत्री के पास कई बार गये, लेकिन उन्होंने डोमिसाइल नीति को निरस्त कर दिया: पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर

9 से 5 बजे तक स्कूल ठीक नहीं है, आज ही सुधार करवाते हैं: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

केके पाठक का नया आदेश, स्कूलों में 31 मार्च तक सभी छुट्टियां रद्द

केके पाठक का सख़्त आदेश, लंबे समय से स्कूल नहीं आने वाले शिक्षक होंगे नौकरी से बर्ख़ास्त

CTET परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट

सक्षमता परीक्षा में पास करने के लिये नियोजित शिक्षकों को मिलेंगे पांच मौक़े

अभ्यर्थियों की आयु सीमा के लिए 01 अगस्त 2023 का कट ऑफ रखा गया है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और हाई स्कूलों तथा प्लस टू स्कूलों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र 37 साल, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, पिछड़े और सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 40 साल, तथा एससी/एसटी (पुरुष और महिला) के लिए 42 साल है।


शिक्षकों के रिटायर होने की उम्र 60 साल निर्धारित है। इस परीक्षा में भाग लेने के लिए पूर्व से नियोजित शिक्षकों के लिए कोई उम्र सीमा नहीं रखी गई है। नई नियमावली के तहत इन शिक्षकों को तीन मौके दिए जाएंगे।

इस परीक्षा में अपीयरिंग अभ्यर्थी भी भाग ले सकेंगे यानी कि वैसे अभ्यर्थी जिनके प्रशिक्षण (बीएड या डीएलएड) की परीक्षा इस वर्ष के 31 अगस्त तक हो चुकी हो, वे भी इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं। अगर 31 अगस्त तक प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम न भी निकला हो, तब भी अभ्यर्थियों को परीक्षा में भाग लेने का मौका मिलेगा।

प्राथमिक शिक्षकों के लिए 120 अंक के पेपर में प्राथमिक गणित, मेंटल एबिलिटी टेस्ट, सामान्य जागरूकता, सामान्य विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन, भूगोल तथा पर्यावरण से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।

माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों के लिए दूसरे पेपर में 80 प्रश्न विषय के और 40 प्रश्न सामान्य अध्ययन पेपर के हैं। सामान्य अध्ययन पेपर में प्राथमिक गणित, सामान्य जागरूकता, सामान्य विज्ञान, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन तथा भूगोल से संबंधित होंगे।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

Related News

सक्षमता परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

BSEB ने जारी किया सक्षमता परीक्षा का एडमिट कार्ड, ऐसे करें डाउनलोड

बिहार में मैट्रिक परीक्षा गुरुवार से, छात्र जूते-मोजे पहन कर नहीं जा सकेंगे परीक्षा केंद्र

IIT JEE Main परीक्षा में किशनगंज के अबु बकर सिद्दीकी बने बिहार टॉपर

सक्षमता परीक्षा के विरोध में शिक्षकों के प्रदर्शन के बीच आया शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान

चुनाव में कम हो शिक्षकों और स्कूलों का इस्तेमाल, केके पाठक का सभी डीएम को सख़्त आदेश

सक्षमता परीक्षा के विरोध में मशाल जुलूस में शामिल शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई

One thought on “BPSC शिक्षक बहाली के लिए आवेदन 15 जून से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

त्रिपुरा से सिलीगुड़ी आये शेर ‘अकबर’ और शेरनी ‘सीता’ की ‘जोड़ी’ पर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा विश्व हिंदू परिषद

फूस के कमरे, ज़मीन पर बच्चे, कोई शिक्षक नहीं – बिहार के सरकारी मदरसे क्यों हैं बदहाल?

आपके कपड़े रंगने वाले रंगरेज़ कैसे काम करते हैं?

‘हमारा बच्चा लोग ये नहीं करेगा’ – बिहार में भेड़ पालने वाले पाल समुदाय की कहानी

पूर्णिया के इस गांव में दर्जनों ग्रामीण साइबर फ्रॉड का शिकार, पीड़ितों में मजदूर अधिक