Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

BPSC की परीक्षाएं दो चरणों में संभव, सामान्य प्रशासन विभाग ने आयोग को बताया सक्षम प्राधिकार

प्रीलिम्स-मेन्स मॉडल की ओर बढ़ेगा BPSC? सामान्य प्रशासन विभाग का पत्र चर्चा में

Aaquil Jawed Reported By Aaquil Jawed |
Published On :
bpsc exams possible in two phases, general administration department tells commission the competent authority

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं के स्वरूप में बदलाव का रास्ता साफ होता दिख रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि आयोग अपनी परीक्षाओं की प्रक्रिया और स्वरूप तय करने के लिए स्वतंत्र एवं सक्षम प्राधिकार है। विभाग ने कहा है कि यदि आवश्यक समझे तो आयोग एक चरण में आयोजित होने वाली परीक्षाओं को दो चरणों में भी आयोजित कर सकता है।


सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार झा ने 25 जून 2026 को बिहार लोक सेवा आयोग के सचिव को भेजे पत्र में ये कहा है।

Also Read Story

BPSC TRE-4 में 32,388 शिक्षक पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी, 1 सितंबर से आवेदन

छात्रों की शिकायतों की सुनवाई के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’, 30 दिनों में कार्रवाई

TRE-4: बिहार में 32,388 शिक्षकों की होगी नियुक्ति, BPSC को भेजी गई अधियाचना

बिहार के सरकारी स्कूलों में अब पहली से पांचवीं तक हिंदी के साथ मगही, मैथिली, भोजपुरी और अंगिका में भी होगी पढ़ाई

TRE-4: शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री को भेजी अधियाचना, अगस्त में विज्ञापन जारी होने के संकेत

पटना के बाद कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरने पहुंचे युवाओं पर लाठीचार्ज, जमकर चले ईंट पत्थऱ

TRE-4 को लेकर विधानसभा में बोले शिक्षा मंत्री – “जुलाई के आखिर तक BPSC को भेजा जाएगा प्रस्ताव”

पुर्णिया के रुपौली डिग्री कॉलेज को लेकर दो इलाकों की दावेदारी पर फंसा पेंच

शिक्षकों के ट्रांसफ़र का रास्ता साफ़, 29 जुलाई से खुल जाएगा ट्रांसफर पोर्टल

पत्र में The Bihar Public Service Commission Rule of Procedure, 1996 के विभिन्न प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि आयोग का मूल दायित्व भर्ती के लिए उम्मीदवारों की योग्यता और उपयुक्तता का आकलन करना है। इसके लिए परीक्षा का विषय, स्वरूप और चयन प्रक्रिया निर्धारित करने का अधिकार भी आयोग के पास है।


प्रारंभिक परीक्षा का प्रावधान

विभाग ने अपने पत्र में नियम 3(iv) का उल्लेख करते हुए कहा है कि उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने की स्थिति में आयोग प्रारंभिक वस्तुनिष्ठ परीक्षा (Preliminary Test) आयोजित कर सकता है। इस परीक्षा का मूल्यांकन ओएमआर (OMR) पद्धति से किया जा सकता है।

इसके अलावा नियम 4(3)(e) के अनुसार यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की संख्या 500 से अधिक हो जाती है तो आयोग स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग कर सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है।

पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उपर्युक्त नियमों के आधार पर बिहार लोक सेवा आयोग अपनी परीक्षाओं के मानक एवं प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र और सक्षम प्राधिकार है। ऐसे में एकल चरण में आयोजित होने वाली परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करने के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार भी आयोग के पास है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने इस मामले में आयोग द्वारा निर्णय लिए जाने की स्थिति में विभागीय अनापत्ति भी भेज दी है। इससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य में आयोग आवश्यकता के अनुसार भर्ती परीक्षाओं का प्रारूप बदल सकता है।

हाल के वर्षों में BPSC की विभिन्न भर्तियों में लाखों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के कारण परीक्षा आयोजन, मूल्यांकन और परिणाम प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा आधारित दो-स्तरीय प्रणाली अपनाने से उम्मीदवारों की संख्या को चरणबद्ध तरीके से कम किया जा सकेगा और चयन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।

हालांकि, अभी तक आयोग की ओर से किसी विशेष परीक्षा को दो चरणों में आयोजित करने की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। विभाग का यह पत्र केवल आयोग की शक्तियों और अधिकारों को स्पष्ट करता है।

क्या बदल सकता है?

यदि आयोग इस अधिकार का उपयोग करता है तो भविष्य में कुछ भर्ती परीक्षाओं में पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जा सकती है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा या अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की संभावना है।

फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर आयोग के अगले फैसले पर टिकी है। यदि BPSC दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली लागू करता है तो बिहार की भर्ती परीक्षाओं के स्वरूप में यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

Aaquil Jawed is the founder of The Loudspeaker Group, known for organising Open Mic events and news related activities in Seemanchal area, primarily in Katihar district of Bihar. He writes on issues in and around his village.

Related News

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में बड़ा बदलाव: 3687 से घटकर 2532 हुईं रिक्तियां

4 साल की ग्रेजुएशन के बाद सीधे पीएचडी, स्नातक स्तर पर मल्टीपल एग्जिट, बिहार में लागू हुआ नया नियम

बिहार के विश्वविद्यालयों में 3,687 कॉन्ट्रैक्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों की होगी नियुक्ति, आवेदन प्रक्रिया शुरू

अब ऐसे होगी बिहार विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती

जुलाई में जारी हो सकता है TRE-4 का नोटिफिकेशन, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिए संकेत

मेरिट लिस्ट में नाम, फिर भी दाख़िला नहीं: पटना विश्वविद्यालय में पीएचडी अभ्यर्थियों का संघर्ष

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

बहादुरगंज NEET प्रदर्शन के बाद हुए FIR में रूस में मौजूद युवक और परीक्षा दे रहे छात्र नामजद

VB-G RAM G: लागू होने से पहले ही क्या नया कानून मनरेगा मज़दूरों का हक़ छीन रहा?

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं