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BPSC कम्प्यूटर साइंस एन्ड इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी लेक्चरर परीक्षा के परिणाम घोषित, 83 उम्मीदवारों को मिली सफलता

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने कम्प्यूटर साइंस एन्ड इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी के विषय के व्याख्याता (लेक्चरर) के पदों पर नियुक्तियों के लिए कराए गए अंतिम परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है।

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
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bihar public service commission lecturer cse result declared

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने कम्प्यूटर साइंस एन्ड इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी के विषय के व्याख्याता (लेक्चरर) के पदों पर नियुक्तियों के लिए कराए गए अंतिम परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इससे पहले पिछले साल नवंबर में लिखित परीक्षा में सफल हुए 275 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया था जिसके आधार पर 86 रिक्तियों के विरुद्ध 83 उम्मीदवारों की एक सूची जारी कर दी गई है।


जेनरल श्रेणी में 32 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिनमें 20 पुरुष और 12 महिला उम्मीदवारों को सफलता मिली। आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के 8 उम्मीदवारों की सूची में 6 परुष और 2 महिला हैं जबकि अनुसूचित जाती के 14 उम्मीदवार सफल हुए। इन 14 उम्मीदवारों में 9 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं।

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अत्यंत पिछड़ा वर्ग की सूची में कुल 16 उम्मीदवारों में से 9 पुरुष और 5 महिला उम्मीदवारों को सफलता मिली। वहीं पिछड़े वर्ग की बात की जाए तो इस सूची में 10 उम्मीदवार सफल हुए जिनमें 6 पुरुष और 4 महिलाएं हैं। पिछड़े वर्ग के महिलाओं की एक अलग सूची में 3 महिलाओं को सफलता प्राप्त हुई है।


परीक्षाफल में सफलता पाने वाले ये उम्मीदवार बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.bpsc.bih.nic पर जाकर “Marksheet” के कॉलम पर क्लिक कर अपना मार्कशीट प्राप्त कर सकते हैं। बिहार लोक सेवा आयोग ने वेबसाइट पर परिणाम के साथ साथ उत्तर कुंजी भी प्रकाशित कर दी है।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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