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नेता भले नीतीश कुमार हैं, लेकिन बीजेपी बने रहना चाहती है बड़ा भाई

बिहार विधानसभा को लेकर एनडीए के बीच बहुत खलबली मची हुई है। बिहार चुनाव के बीच में एनडीए लगातार दावा कर रही है कि बिहार में उसका चेहरा नीतीश कुमार होगे। लेकिन अंदर खाने ऐसा नहीं है। एलजेपी ऐसा नहीं कहती।

Reported By Sahul Pandey |
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[vc_row][vc_column][vc_column_text]बिहार विधानसभा को लेकर एनडीए के बीच बहुत खलबली मची हुई है। बिहार चुनाव के बीच में एनडीए लगातार दावा कर रही है कि बिहार में उसका चेहरा नीतीश कुमार होगे। लेकिन अंदर खाने ऐसा नहीं है। एलजेपी ऐसा नहीं कहती। वहीं जदयू कहती है कि बिहार में वो बड़े भाई की भूमिका में है, लेकिन बीजेपी के नेता इस बात को नहीं मानते। बीजेपी के नेता नीतीश को कैप्टन तो मान रहे हैं, उनके नेतृत्व में एनडीए के चुनाव लड़ने की बात से भी सहमत हैं लेकिन चुनाव में बीजेपी का कद जेडीयू से छोटा हो इससे वे सहमत नहीं हैं।

बीजेपी बिहार चुनावों में जदयू से बड़ा कद चाहती है। बीजेपी चाहती है की स्ट्राइक रेट के जरिए नीतीश को यह बताया जाए कि भले आप हमारे कैप्टन हैं लेकिन पार्टी लेवल पर बीजेपी बड़ी है। इसलिए पार्टी की ओर से लक्ष्य रखा गया है कि विधानसभा चुनाव में किसी भी हाल में बीजेपी का स्ट्राइक रेट जेडीयू से बेहतर हो। इसके लिए बीजेपी अपने कई लो प्रफॉरमिंग नेताओं का टिकट काटने की तैयारी में है। इस बात की ओर इशारा एक इंटरव्यू में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन किया है।

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हुसैन ने कहा कि भाजपा चाहती है कि उसे जितनी सीटें मिले उसका स्ट्राइक रेट 2019 के लोकसभा चुनाव की तरह ही हो। उन्होंने कहा कि हम विधानसभा की हर उस सीट को जीतना चाहेंगे जहां हमारे उम्मीदवार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हमारा मिशन अपने सहयोगी को भी एक सीट नहीं हारने देना है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हम विधानसभा चुनाव में कई नए उम्मीदवारों को भी चुनाव लड़ा सकते हैं। वहीं चिराग के लिए उन्होंने मैसेज भी दिया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दूसरे बड़े नेताओं ने नीतीश कुमार को अपना कमांडर मान चुके हैं तो सबकी जिम्मेदारी है की उन्हें अपना नेता माने।

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उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार NDA के नेता हैं और एनडीए में शामिल दलों को उन्हें अपना नेता मानना ही होगा, उनका सम्मान करना ही होगा। शाहनवाज हुसैन ने कहा बीजेपी गठबंधन धर्म का पालन बहुत बेहतर तरीके से करती है इसलिए हम भले ही चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल में भी हम सरकार बनाएं और केरल में भी सरकार बनाएं लेकिन चुकी बिहार में नीतीश कुमार हमारे नेता हैं इसलिए यहां मुख्यमंत्री वही बने रहेंगे। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और जदयू को जुड़वा भाई बता दिया।

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