भारतीय जनता पार्टी पूर्णियां द्वारा स्थानीय टाउन हॉल में एक कार्यशाला तथा कार्यकर्त्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। नागरिकता संशोधन कानून वसुधैव कुटुम्बकम की संकल्पना के तहत यह आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल रंजन वर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के तैलचित्र पर पुष्पांजलि कर की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह पश्चिम चंपारण सांसद डॉ संजय जयसवाल उपस्थित रहे। साथ ही विशिष्ठ अतिथि के रूप में प्रदेश सहसंगठन महामंत्री शिवनारायण महतो, पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, प्रदेश उपाध्यक्ष नीतीश मिश्रा, विधान पार्षद दिलीप जयसवाल, विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, मनोज रॉय, सदर विधायक विजय खेमका, फारबिसगंज विधायक विद्यासागर केशरी, क्रांति देवी, प्रदीप दास, सबा जफर, सुनीता देवी, परमानन्द मंडल, वरुण झा, मनोज सिंह, तारा साह, विजय कुमार ठाकुर इत्यादि मंचासीन थे।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जयसवाल ने नागरिकता संशोधन कानून पर आयोजित कार्यशाला में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया।उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पर विरोध के नाम पर किया जा रहा उपद्रव पूरी तरह बेमानी और आधारहीन है। इन बेजा प्रदर्शनों को शह देनेवाले राजनीतिक दलों को सोचना चाहिए की आखिर वह देश को किस राह पर ले जाना चाहते हैं। लोकतंत्र में विरोध के नाम पर अराजकता के लिए कोई जगह नही होनी चाहिए। भारत हर धर्म का सम्मान करता रहा है। पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति ये है कि आज 3,500 मंदिरों में केवल 70 मन्दिर बचे है। वसुधैव कुटुम्बकम और सबों के प्रति सम्मान हमारी संस्कृति रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे कोई भी बंधु यदि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में प्रताड़ित हो रहे हैं तो उसकी भी रक्षा करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्य है।

लेकिन कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी देश का माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रही है।

देश उपद्रवी तत्वों के झांसे में नही आएगी। आखिर उन्हें घुसपैठियों से इतना प्रेम और पड़ोसी मुल्कों में सुनियोजित तरीके से खत्म किये जा रहे अल्पसंख्यको से इतनी घृणा क्यों है। बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लायी गयी नागरिकता संशोधन कानून केवल उनलोगों के लिए है जिन्होंने वर्षो से बाहर उत्पीड़न का सामना किया है। इस मानवीय पक्ष को नजरअंदाज करते हुए विपक्ष देश का माहौल खराब करने का काम कर रहा है।

वहीं पूर्व मंत्री सह भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह कानून नागरिकता देने का कानून है लेने का नहीं। जो लोग इस कानून के नाम पर अपनी राजनीति रोटी सेंक रहे हैं उन्हें यह समझने की आवश्यकता है कि हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की रही है। और भारत में अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की जनसंख्या में लगातार वृद्धि हुई है जबकि पाकिस्तान, बांग्लादेश में वहाँ के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की जनसंख्या में जबरदस्त कमी आई है। वहाँ उनकी स्थिति भयावह है इसलिए उनके हितों की रक्षा हमारा नैतिक और सामाजिक दायित्व है।