पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना से लड़ रही है लेकिन वो सियासत ही क्या जो थम जाए। बिहार में इसी साल चुनाव होने हैं लेकिन कोरोना वायरस की वजह से चुनाव पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लेकिन इसी बीच आज खबर आई कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 9 जून को बिहार में डिजिटल रैली करेंगे।

बिहार BJP अध्यक्ष संजय जायसवाल ने जानकारी दी कि 9 जून से बिहार में चुनावी शंखनाद हो जाएगा। खुद अमित शाह BJP कार्यकर्ताओं और समर्थकों को वर्चुअल रैली के ज़रिए संबोधित करेंगे। जबकि अगले ही कुछ दिनों में अमित शाह की दूसरी डिजिटल रैली भी होगी लेकिन फिलहाल उसकी तारीख तय नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक BJP के दूसरे बड़े नेताओं के भी डिजिटल कैम्पेन का ब्लूप्रिंट तैयार हो रहा है और आने वाले दिनों में सभी नेता डिजिटल प्लेटफार्म पर चुनावी रैली करते नज़र आएंगे।

डिजिटल रैली की जानकारी मिलते ही बिहार में मुख्य विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव ने BJP पर जमकर हमला बोला।

तेजस्वी ने ऐलान किया, ‘9 जून को जब अमित शाह डिजिटल रैली करेंगे, तब बिहार के लोग BJP के खिलाफ थाली, कटोरा और गिलास बजाएंगे। तेजस्वी ने कहा कि BJP ने मजदूरों की डिजिटल मदद नहीं की लेकिन वो दुनिया की पहली पार्टी है जो अपने लोगों के मरने का जश्न मना रही है। उसके खिलाफ हम ‘गरीब अधिकार दिवस’ मनाएंगे।’

तेजस्वी ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘BJP और JDU सिर्फ अपनी सत्ता की भूख मिटाना चाहती है लेकिन हम ग़रीबों-मज़दूरों के पेट की भूख मिटाना चाहते है। डिजिटल रैली करने वालों को इस मानवीय संकट में अगर जनता की चिंता होती तो वो डिजिटल जनसेवा करते, डिजिटल मदद करते। हमने डिजिटली लाखों की मदद की लेकिन ग़रीबों के पेट पर लात मारने वाले इस संवेदना और पीड़ा को नहीं समझ सकते। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक बार कहा था ग़रीब को डाटा से पहले आटा चाहिए। इनकी आत्मा-अंतरात्मा सब भावहीन होकर डिजिटल हो चुकी है। लाखों बिहारी ग़रीबों का जीवन तबाह कर आज यह डिजिटल टोली डिजिटल रैली निकाल रही है। जब जनता सड़कों पर भटक रही थी तब क्यूं नहीं उन्होंने “डिजिटली घर पहुँचाओ रैली” और जब लोग भूख से मर रहे थे तब क्यूं नहीं उन्होंने “डिजिटली भोजन पहुंचाओ” रैली की।’