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बिहार में अधिकारियों को नया निर्देश, सांसद-विधायक के फोन पर तुरंत देना होगा जवाब, पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
Published On :
bihars officials must promptly respond to mps, mlas and act on their letters within deadlines

बिहार सरकार ने सांसदों और विधायकों के प्रति अधिकारियों के व्यवहार, प्रोटोकॉल और पत्राचार को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक, प्रमंडलीय आयुक्त और जिला पदाधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।


यह आदेश मुख्यमंत्री के निर्देश पर जारी किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहैल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए सांसदों और विधानसभा सदस्यों के साथ अधिकारियों द्वारा अपेक्षित प्रोटोकॉल, शिष्टाचार और सम्मानजनक व्यवहार का प्रभावी अनुपालन जरूरी है।

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सरकार के नए निर्देश के अनुसार, किसी सांसद या विधायक की ओर से अधिकारी को फोन किया जाता है तो यथासंभव तत्काल फोन रिसीव कर जवाब देना होगा। यदि किसी अपरिहार्य कारण से उस समय फोन उठाना संभव नहीं हो पाता है, तो अधिकारी को यथाशीघ्र संबंधित जनप्रतिनिधि को वापस कॉल कर आवश्यक संवाद स्थापित करना होगा।


सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने के लिए बार-बार अधिकारियों से संपर्क करने की स्थिति उत्पन्न न हो।

सांसद-विधायकों के पत्र पर भी समयबद्ध कार्रवाई

निर्देश में जनप्रतिनिधियों की ओर से भेजे जाने वाले पत्रों को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। सांसद या विधायक से प्राप्त पत्र की प्राप्ति की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है।

इसके साथ ही पत्र में उठाए गए मामले पर की गई कार्रवाई अथवा उसकी वर्तमान स्थिति से संबंधित जनप्रतिनिधि को यथासंभव निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवगत कराना होगा। यानी केवल पत्र प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उस पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी संबंधित सांसद या विधायक को उपलब्ध करानी होगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब कोई सांसद या विधायक किसी अधिकारी के कार्यालय में मुलाकात के लिए पहुंचे तो उनके पद और गरिमा के अनुरूप उचित प्रोटोकॉल, शिष्टाचार और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों और कर्मचारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार करने का निर्देश दिया गया है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनी रहे।

सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने आदेश में बताया है कि सांसदों और विधायकों के साथ अधिकारियों के व्यवहार एवं प्रोटोकॉल को लेकर पूर्व में भी समय-समय पर विभिन्न विभागीय पत्रों और आदेशों के माध्यम से दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इनमें सामान्य प्रशासन विभाग के कई पुराने परिपत्रों के साथ संसदीय कार्य विभाग के निर्देश भी शामिल हैं।

अब इन सभी निर्देशों के प्रभावी अनुपालन को फिर से सुनिश्चित करने के लिए ताजा आदेश जारी किया गया है।

सभी विभागों और जिलों में पालन सुनिश्चित करने का निर्देश

सरकार ने अपने आदेश में संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को इन निर्देशों से अवगत कराएं तथा दृढ़ता से इसका अनुपालन सुनिश्चित करें।

इसका दायरा केवल सचिवालय स्तर तक सीमित नहीं है। आदेश में विभागाध्यक्षों के साथ पुलिस महानिदेशक, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिला पदाधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है।

सरकार ने अपने आदेश में इस बात पर जोर दिया है कि सांसद और विधायक जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं। वे अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों, जनसमस्याओं और प्रशासनिक मामलों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से जनता से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान किया जा सकता है।

नए निर्देशों के बाद अब अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। फोन का जवाब देने से लेकर पत्रों पर कार्रवाई और कार्यालय में सम्मानजनक व्यवहार तक, जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद और समन्वय को लेकर सरकार ने स्पष्ट व्यवस्था तय कर दी है।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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