पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार को भारत-चीन सीमा पर चीनी सेना के साथ हुई झड़प में शहीद हुए भारतीय जवानों में बिहार के सहरसा ज़िले का लाल आर्मी जवान कुन्दन कुमार भी शामिल हैं।

कुन्दन कुमार आर्मी GD के जवान थे। वह बिहरा थाना क्षेत्र के आरण वार्ड नं-13 गाँव के रहने वाले निमिन्दर यादव के छोटे बेटे थे और वर्ष 2012 से आर्मी जवान के रूप में लद्दाख में तैनात थे।

आर्मी जवान कुन्दन कुमार के शहीद होने की खबर उनके परिजनों को सेना की तरफ़ से देर रात करीब दस बजे मोबाइल पर दी गई। शहीद होने की खबर मिलते ही माता-पिता तथा पत्नी बेबी देवी की चीख-पुकार से पूरे गाँव में मातम पसर गया है।

कुन्दन कुमार के चाचा महेंद्र प्रसाद यादव बोलते-बोलते भावुक हो गए,

कुंदन कुमार देश के लिए शहीद हुआ है। उसने परिवार, आरण गाँव व सहरसा ज़िले का मान-सम्मान बढ़ाया है। देश के लिए शहीद हुआ है। ये गर्व की बात है।

महेंद्र प्रसाद यादव, चाचा

वर्ष 2013 में मधेपुरा ज़िले के घैलाढ़ में कुन्दन कुमार की शादी हुई थी। उनके दो पुत्र हैं। बड़े बेटे का नाम रौशन कुमार (उम्र-05 वर्ष) व छोटे पुत्र का नाम राणा कुमार (उम्र 3 वर्ष) है। कुन्दन कुमार की शहादत से इन दोनों मासूमों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।