Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

बिहार में शराबबंदी इफेक्ट – एक्सीडेंट के मामलों में आई चौकाने वाली रिपोर्ट

बिहार में साल 2016 में सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी लागू किया था। तब सीएम नीतीश ने कहा था कि उन्होंने यह काम बिहार की महिलाओं के कहने पर किया है। सीएम नीतीश कुमार के इस फैसले के रिसेंट इंपेक्ट भी दिखे।

Reported By Sahul Pandey |
Published On :

[vc_row][vc_column][vc_column_text]बिहार में साल 2016 में सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी लागू किया था। तब सीएम नीतीश ने कहा था कि उन्होंने यह काम बिहार की महिलाओं के कहने पर किया है। सीएम नीतीश कुमार के इस फैसले के रिसेंट इंपेक्ट भी दिखे।

बिहार में डोमेस्टिक वॉयलेंस से लेकर क्राइम के अन्य मामलों में कमी भी आई। लेकिन वक्त के साथ शराब की कालाबजारी भी बढ़ी। जिसको लेकर सरकार की आलोचना भी हुई। लेकिन अब जब बिहार में चुनाव होने को है तो ऐसे में शराबबंदी को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसे जानकर नीतीश सरकार खुश होगी।

Also Read Story

बिहार में बढ़ते किडनैपिंग केस, अधूरी जांच और हाईकोर्ट की फटकार

क्या अवैध तरीके से हुई बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सचिव की नियुक्ति?

जमीन के विशेष सर्वेक्षण में रैयतों को दी गई ऑनलाइन सेवाओं की क्या है सच्चाई

राज्य सूचना आयोग खुद कर रहा सूचना के अधिकार का उल्लंघन

“SSB ने पीटा, कैम्प ले जाकर शराब पिलाई” – मृत शहबाज के परिजनों का आरोप

बिहार जातीय गणना के खिलाफ कोर्ट में याचिकाओं का BJP-RSS कनेक्शन

बिहारशरीफ दंगा: मोदी जिसे ट्विटर पर फॉलो करते हैं वह अकाउंट जांच के दायरे में

किसान ने धान बेचा नहीं, पैक्स में हो गई इंट्री, खाते से पैसे भी निकाले

बांग्ला भाषा का मतलब ‘घुसपैठ’ कैसे हो गया दैनिक जागरण?

जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे पर शराब पीकर वाहन चलाने से एक्सीडेंट के मामलों में बिहार की रिपोर्ट चौंकाने वाली रही है। पिछले साल बिहार में नेशनल हाईवे पर हुई दुर्घटनाओं में कोई भी दुर्घटना शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण नहीं हुई है। आपको बता दें कि हाल ही में राज्यसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपनी एक रिपोर्ट पेश की थी।


रिपोर्ट में कहा गया था कि बिहार में 5300 किलोमीटर से अधिक एनएच गुजरता है। इसके बावजूद यहां 2019 में शराब पीकर वाहन चलाने से दुर्घटना का एक भी मामला नहीं आया। खास बात यह है कि बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है।

[wp_ad_camp_1][wp_ad_camp_1]

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार के बाद बंगाल दूसरे स्थान पर है। प. बंगाल में 3600 किमी एनएच है। वहां 8 एक्सीडेंट के मामले सामने आए हैं। देश में सबसे अधिक एनएच महाराष्ट्र से निकलता है, वहां एक्सीडेंट के मामले 258 रहे। इधर, देश में इस साल सड़क हादसों में 35% की गिरावट आई है। जनवरी से जून के बीच 1.6 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जो कि पिछले छह साल के औसत से 35% कम है। इस दौरान हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या में 30 फीसद की की कमी आई है।

[wp_ad_camp_1]

हमसे छोटे राज्यों में हुई कई गुना अिधक दुर्घटनाएं… वजह शराब

असम, पंजाब, ओडिशा, हरियाणा और झारखंड जैसे छोटे राज्यों सहित देश के नौ प्रदेशों में बिहार से कई गुना तक अधिक दुर्घटनाएं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में शराब पीकर वाहन चलाते समय असम में 279, हरियाणा में 299, झारखड़ में 686, मध्य प्रदेश 1030, ओडिशा में 1068, पंजाब में 1290, तमिलनाडु में 1047 और यूपी में 4496 एक्सीडेंट के मामले सामने आए हैं।आपको बता दें कि साल 2019 में बिहार में 10007 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, इसमें रोड एक्सीडेंट के दौरान 2019 में बिहार में 7205 मौतें हुईं।

— पटना में एनएच पर 280 दुर्घटनाएं, घायल-219, मौतें-81
— स्टेट हाईवे पर पटना में 28 हादसे, घायल-16, मौतें-9
— पटना में अन्य सड़कों पर दुर्घटनाएं 216, घायल-97, मौतें-102

[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_separator border_width=”4″ css_animation=”bounceInUp”][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_single_image image=”3718″ img_size=”full” alignment=”center” onclick=”custom_link” img_link_target=”_blank” link=”https://pages.razorpay.com/support-main-media”][/vc_column][/vc_row]

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

Related News

विदेशों में काम की चाहत में ठगों के चंगुल में फंस रहे गरीब

एएमयू किशनगंज की राह में कैसे भाजपा ने डाला रोड़ा

कोसी क्षेत्र में क्यों नहीं लग पा रहा अपराध पर अंकुश

स्मार्ट मीटर बना साइबर ठगों के लिए ठगी का नया औजार

अररिया में हिरासत में मौतें, न्याय के इंतजार में पथराई आंखें

Watch: सचिव और मुखिया की मिलीभगत से पंचायत में लाखों का घोटाला

कटिहार में 16 साल की लड़की से ‘गैंगरेप’ और हत्या का सच क्या है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

क़र्ज़, जुआ या गरीबी: कटिहार में एक पिता ने अपने तीनों बच्चों को क्यों जला कर मार डाला

त्रिपुरा से सिलीगुड़ी आये शेर ‘अकबर’ और शेरनी ‘सीता’ की ‘जोड़ी’ पर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा विश्व हिंदू परिषद

फूस के कमरे, ज़मीन पर बच्चे, कोई शिक्षक नहीं – बिहार के सरकारी मदरसे क्यों हैं बदहाल?

आपके कपड़े रंगने वाले रंगरेज़ कैसे काम करते हैं?

‘हमारा बच्चा लोग ये नहीं करेगा’ – बिहार में भेड़ पालने वाले पाल समुदाय की कहानी