दिल्ली में चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस जारी है। इसम प्रेस कांफ्रेंस को सेन्ट्रल चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त सुनील अरोड़ा संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त ने कोरोना काल में चुनाव कराने की बात पर मुहर लगा दी है। इस कोरोना काल में पहला चुनाव बिहार विधानसभा का होगा। प्रेस वार्ता में उन्होंने इस पहले कोरोना टाइम वाले चुनाव को लेकर बनाए गए नए गाइडलाइन्स को लोगों के सामने रखा है। इस दौरान सुनील अरोड़ा ने चुनाव के समय, नामांकन की प्रक्रिया, चुनाव प्रचार, मतदान का तरीका जैसी कई अन्य चीजों को लेकर कई सारी नई गाइडलाइन्स से अवगत कराया

 

मीडिया को कोरोना काल में होने जा रहे पहले चुनाव को लेकर जानकारी देते हुए मुख्य आयुक्त ने बताया कि इस बार के चुनावों को लेकर मतदान के समय को पहले के मुकाबले 1 घंटा बढ़ाया गया है। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक होगा। कोरोना संक्रमित लोग भी इस चुनाव में मतदान कर सकेंगे। जो लोग कोराना से संक्रमित हैं उन्हें मतदान के अंतिम समय में मतदान करने का मौका दिया जाएगा। वहीं उन्होंने बताया कि इस बार एक बूथ पर केवल 1000 मतदाता ही अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।

वहीं उन्होंने चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के नामांकन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नई गाइडलाइन्स के अनुसार उम्मीदवार अपना नामांकन अब ऑनलाइन भी भर सकेंगे। वहीं जो लोग खुद से जाकर नामांकर करना चाहते हैं वेसे लोगों के लिए जुलूस लेकर जाना इस बार मुमकिन नहीं हो सकेगा। ऐसे लोगों को केवल दो गाड़ियां ही लेकर बाहर जाने की अनुमति मिलेगी।

तीन फेज में है बिहार के चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव के बारे में जानकारी देते हुए सुनील अरोड़ा ने बताया कि बिहार का चुनाव तीन फेज में होगा। पहले फेज का चुनाव 71 विधानसभा सीटों पर होगा, जिसके लिए 31000 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। यह फेज 28 अक्टूबर से शुरू होगा। 3 नवंबर को दूसरा फेज का दूसरा फेज का चुनाव होगा। दूसरे पेज में 94 सीटों पर चुनाव होंगे इसके लिए 42000 मतदान केन्द्र होंगे, जहां वोटिंग होंगे। तीसरा चरण का चुनाव 7 नवंबर को होगा, इस फेज में 33000 बूथों पर 78 सीटों के लिए 15 जिलों में चुनाव होंगे।

 

वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी।

इस चुनाव के बारे में बात करें तो ज्यादात्तर प्रचार वर्चुअल होंगे। पाच लोगों से ज्यादा लोग डोर टू डोर कैपेनिंग नहीं कर सकेंगे। जो उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं उन्हें आपराधिक छवि की जानकारी मीडिया में देनी होगी। अगर कोई रोड शो करता है तो उसमें सिर्फ 5 गाड़ियां ही होगी। चुनाव आयोग ने बताया है कि 1 अक्टूबर को चुनाव को लेकर नोटिफिकेशन जारी होगा और 8 अक्टूबर तक नॉमिनेशन का लास्ट डेट तय किया गया है।

 

चुनाव को लेकर क्या तैयार है चुनाव आयोग?

कोरोना काल में चुनाव कैसे होंगे यह सबसे बड़ा सवाल था। इन सवालों के जवाब चुनाव आयोग ने आज दिए। चुनाव आयोग ने बताया कि किस तरह से इस बार के चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ दो से ज्यादा वाहन नहीं जा सकते हैं। इस बार वर्चुअल चुनाव प्रचार होगा। बड़ी-बड़ी जनसभाएं नहीं की जा सकेंगी।

वहीं मतदान को लेकर बताया है कि एक बूथ पर सिर्फ 1,000 मतदाता ही मदतान कर पाएंगे। कोरोना मरीज वोटिंग के आखिरी घंटे में वोट डाल पाएंगे। सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक होगी वोटिंग होगी। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 7 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर पाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोविड के चलते नए सुरक्षा मानकों के तहत चुनाव होंगे। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या घटाई जाएगी। एक बूथ पर 1 हजार मतदाता होंगे। 7 लाख हैंड सैनेटाइजर, 6 लाख पीपीई किट्स, 7,6 लाख बेड्सशीट, 23 लाख हैंड ग्लब्स का इंतजाम किया गया है। 7 लाख से ज्यादा हैंड सैनिटाइजर और 46 लाख से ज्यादा मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि बिहार में कुल 243 सीटों पर चुनाव होना है। कोरोना के दौर में पहला बड़ा चुनाव होने जा रहा है। चुनाव नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। इसलिए चुनाव कराने जरूरी हैं। बिहार चुनाव में इसबार एक लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे। कोरोना काल में लोगों के हेल्थ और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए काफी तैयारी की है। चुनाव कार्यक्रम को भी इसी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। राज्यसभा चुनाव और विधान परिषद चुनावों में हमने ऐसा किया है।