बिहार के नेता लोग अपने उम्र को लेकर कुछ ज़्यादा ही कन्फ्यूज्ड हैं। ताज़ा ताज़ा उपमुख्यमंत्री बने तारकिशोर प्रसाद के साथ भी कुछ ऐसा ही है। इस पर बात करेंगे, लेकिन इससे पहले थोड़ा नए उपमुख्यमंत्री का परिचय आपको दे दें।

तारकिशोर प्रसाद कटिहार विधासभा से लगातार चौथी बार विधायक बने हैं। बिहार चुनाव में चर्चे में रहे सीमांचल क्षेत्र से सूबे के पहले उपमुख्यमंत्री होंगे। इतना ही नहीं तकरीबन 50 साल के बाद सीमांचल के किसी नेता को बिहार सरकार में इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी मिली है। इनसे पहले पूर्णिया के भोला पासवान शास्त्री 1968 से 1972 के बीच तीन बार मुख्यमंत्री बने, कभी 100 दिनों के लिए, कभी 13 दिनों के लिए, तो कभी लगभग सात महीने के लिए।

उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद को वित्त, पर्यावरण, वन, सूचना प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और शहरी विकास विभाग की भी ज़िम्मेदारी दी गयी है। 1974 के छात्र आंदोलन के दौरान राजनीति में आये। RSS और ABVP से जुड़े रहे। 1980 के बाद BJP में अलग अलग पद पर रहे। Nov 2005 वाले चुनाव में पहली बार भाजपा ने कटिहार विधानसभा से उम्मीदवार बनाया। तबसे ये जीत का सिलसिला शुरू हुआ, जो आजतक जारी है।

तारकिशोर अब तक चार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। Nov 2005, 2010, 2015 और 2020, चारों चुनाव के affidavit ऑनलाइन available हैं। Nov 2005 के affidavit के हिसाब से तब उनकी उम्र 48 साल थी, लेकिन पांच साल के बाद 2010 तक उनकी उम्र में पांच साल नहीं, बल्कि सिर्फ एक साल की वृद्धि हुई। 2010 के affidavit में उम्र 49 (उंचास) साल लिखा है। वहीँ दस साल के बाद 2015 में उनकी उम्र में सिर्फ चार साल की वृद्धि हुई। 2015 के affidavit में उम्र 52 साल लिखा है। लेकिन 2015 में जो तारकिशोर प्रसाद 52 साल के थे, पांच साल के बाद 2020 में वे 64 साल के गए। यानी पांच साल में उम्र में वृद्धि 12 साल। ये सारी जानकारियाँ उनके चुनावी affidavit से ले गयी है।

अब सवाल ये है की उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद की उम्र असल में क्या है? बिहार विधानसभा की website में मौजूद जानकारी के अनुसार तारकिशोर प्रसाद की जन्म तिथि यानी Date of Birth 5 फरवरी 1956 है। उस हिसाब से 2020 विधानसभा के चुनाव में उनकी उम्र की जानकारी सही दी गयी है।