बिहार मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान कई अहम् घोषणाएं की। चुनाव से पहले यह बैठक मौजूदा एनडीए सरकार की आखिरी मंत्रिमंडल बैठक हो सकती है जिसमें कुल 129 घोषणाएं की गईं।
बैठक में सड़कों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें पूर्णिया रोड की 11.2 किलोमीटर लंबी सड़क को धमधमा से कुवारी पथ तक चौड़ा और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 36.1 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तरह अररिया जिले में जयनगर से घुर्ना तक, नरपतगंज मार्ग होते हुए 35.77 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 139.07 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए।
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एएनएम और तालीमी मरकज़ कर्मी के मानदेय में बढ़ोतरी
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े फैसलों में शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को मजबूत बनाने के लिए संविदा पर काम कर रही एएनएम कर्मियों का मासिक मानदेय 11,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें हर साल 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सभी संविदा कर्मियों को उनके मानदेय पर हर महीने 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज कर्मियों को प्रतिवर्ष शिक्षण सामग्री के लिए मिलने वाली राशि 3405 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा उन्हें स्मार्टफोन खरीदने के लिए 10,000 रुपये की एकमुश्त सहायता भी दी जाएगी।
छात्र ऋण अवधि में राहत
कैबिनेट बैठक में शिक्षा से जुड़े कुछ अहम फैसले भी लिए गए। मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना के तहत अब कक्षा 9 और 10 के सामान्य वर्ग (अल्पसंख्यक सहित) के छात्र-छात्राओं को 1800 रुपये की जगह 3600 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में भी बदलाव किया गया है। अब सभी छात्रों को 4 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण मिलेगा। 2 लाख रुपये तक के लोन अदा करने की अवधि 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष और 2 लाख रुपये से ऊपर के लोन की अवधि 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दी गई है। किसी छात्र की मौत होने पर ऋण माफी का प्रावधान भी रखा गया है।
युवाओं के लिए मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। अब 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार स्नातक युवाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्हें 1000 रुपये प्रतिमाह अधिकतम दो वर्षों तक सहायता राशि दी जाएगी।
कैमूर मेडिकल कॉलेज
कैमूर जिले के चेनारी प्रखंड में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग की 24.69 एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग को दी गई है। बदले में कृषि विभाग को राजस्व विभाग से बराबर की जमीन दी जाएगी।
सहरसा एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण
सहरसा हवाई अड्डे के रनवे को बढ़ाने के लिए भी जमीन ली जाएगी। इसके लिए 12 एकड़ से अधिक अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण होगा और लगभग 147.76 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
इसके अलावा मोतिहारी, छपरा और भागलपुर हवाई अड्डों की व्यवहार्यता जांच कराने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, नई दिल्ली को 1.21 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अग्रिम रूप से दी जाएगी।
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा बनाने के लिए 931 एकड़ जमीन ली जाएगी। इसके लिए 472 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा मंज़ूर किया गया है।
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