कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल के बिहार प्रभारी की ज़िम्मेदारी हटने से जो जगह ख़ाली हुई थी उसे कांग्रेस आलाकमान ने भक्त चरण दास से भर दिया है।

भक्त चरण दास पहले से ही मिज़ोरम और मणिपुर के प्रभारी हैं। ओडिशा से आने वाल भक्त चरण दास राज्य के कालाहांडी से तीन बार सांसद रह चुके हैं।

बिहार प्रभारी बनने पर भक्त चरण दास ने बिहार से अपने रिश्ते को ज़ाहिर करते हुए कहा है, के मैंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत बिहार से ही की थी, इसीलिए बिहार मेरे लिए कोई नया क्षेत्र नहीं है।

शक्ति सिंह गोहिल जो गुजरात कोटे से राज्यसभा सांसद भी हैं, इस इस्तीफ़े के बाद केवल दिल्ली के ही प्रभारी रहेंगे।

शक्ति सिंह गोहिल ने सोमवार को ही ट्वीट कर कहा था की

निजी कारणो से मैंने कांग्रेस आलाकमान से गुज़ारिश कि है की मुजे लाइट जिम्मेवारी दी जाए और बिहार के प्रभार से मुक्त किया जाए।

इस ट्वीट से राजग गठबंधन को भी कांग्रेस पर आक्रमण करने का एक अच्छा अवसर मिल गया है।

भाजपा प्रवक्ता निखिल आंनद ने कहा था,

ये जानकर बहुत ख़ुशी हुई कि कांग्रेस संगठन में ज़िम्मेदारी लेना-देना और उससे मुक्त होने की बात ट्वीट के माध्यम से तय होती है। अब तो वाक़ई विश्वास हो गया है कि कांग्रेस ज़मीनी धरातल छोड़कर सोशल मीडिया पर ही चलने वाली पार्टी बन गई है

वो आगे उन्होंने कांग्रेस का मजाक उड़ाते हुए कहा कि,

गोहिल के इस ट्वीट ने यह साबित कर दिया कि, कांग्रेस अब धरातल पर नहीं बल्कि ट्विटर, फेसबुक और सोशल मीडिया जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की पार्टी रह गई है। बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन से हकीकत सामने आ गई