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बारसोई BDO ने ‘मानसिक प्रताड़ना’ के चलते दिया इस्तीफा, जदयू विधायक के दामाद SDM पर गंभीर आरोप

ज्ञात हो कि अनुमंडल पदाधिकारी, बारसोई दीक्षित श्वेतम कटिहार जिले के बरारी विधानसभा से जदयू विधायक बिजय सिंह के दामाद हैं।

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barsoi bdo resigned due to 'mental harassment', serious allegations against jdu mla's son in law sdm

बिहार के कटिहार जिले के प्रशासनिक महकमे में उस वक्त हलचल मच गई जब बारसोई प्रखंड विकास पदाधिकारी हरिओम शरण ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बीडीओ ने अपना त्यागपत्र जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए लिखा और अनुमंडल पदाधिकारी, बारसोई पर लगातार मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाये।


प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय बारसोई से 12 जुलाई को जारी पत्रांक संख्या 581 के माध्यम से बीडीओ हरिओम शरण ने पांच पन्नों के विस्तृत इस्तीफे में कहा कि वह वर्तमान में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में पूरी तत्परता और जिम्मेदारी से कार्य कर रहे थे, बावजूद इसके अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा उन्हें बार-बार “लापरवाह” और “रुचिहीन” कहा गया।

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पत्र में उल्लेख है कि SDM द्वारा उन्हें कार्य से अलग करने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और उनके स्वास्थ्य की अवहेलना करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से “नौकरी जाने की धमकी” देने जैसे बयान दिए गए।


‘लोअर बैक पेन से हैं पीड़ित’

बीमारी के बाबत बीडीओ ने कहा, “मैं स्लिप डिस्क से पीड़ित हूं, फिर भी लगातार गाड़ी से 10 से 12 पंचायतों का भ्रमण कर रहा हूं। मैंने कभी आदेश की अवहेलना नहीं की, लेकिन जब मैंने रात्रि शिविर संबंधी मौखिक आदेश पर कुछ सुझाव दिए, तो मुझे ‘दयालु बनने’ का ताना मारते हुए कार्रवाई की धमकी दी गई।” बीडीओ ने कहा कि “जहां हम भ्रमण के लिए जाते हैं, वहां बीएलओ सुपरवाइजर अपनी डिजिटाइजेशन करने वाली टीम के साथ होते हैं। उनसे भी इस सम्बंध में जानकारी ली जा सकती है। ग्रुप में फोटोज भी शेयर किये गये है, पर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा उन्हें कहा जाता है कि आप घर में सोए रहते हैं।”

सबसे गंभीर आरोप उस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को लेकर है जिसमें सैंकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों के समक्ष अनुमंडल पदाधिकारी अपमानजनक रूप से पेश आए और प्रखंड का चार्ज किसी और को देने की बात कह डाली। वीसी में जुड़े 250 से अधिक कर्मियों के सामने उन्होंने कहा कि ब्लॉक का अधिकारी किसी काम का नहीं है। बीडीओ ने दावा किया कि टारगेट के तहत ऐसा किया जा रहा है।

पत्र में बीडीओ ने आगे लिखा है, “महोदय, मैंने हमेशा अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरे समर्पण से किया है। पूर्व के पदस्थापन जिलों में मुझे सबसे अच्छे कार्य करने वाले प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के रूप में जिलाधिकारी महोदय द्वारा सम्मानित होने का सौभाग्य प्राप्त है। अपनी आज तक की सेवा में कभी भी किसी वरीय पदाधिकारी द्वारा मुझे बिना सूचना मुख्यालय से बाहर नहीं पाया गया। परन्तु अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा लगातार अनुमण्डल व प्रखण्ड के बाकी अधिकारियों व कर्मचारियों के समक्ष बिना किसी जायज़ कारण के इस तरह का व्यवहार कर मुझे एक घोर लापरवाह, स्वेच्छाचारी, अनुशासनहीन और अयोग्य पदाधिकारी सिद्ध करके मजाक का पात्र बनाने की कोशिश की जा रही है।”

बेस्ट AERO का राज्य स्तरीय आवर्ड

“महोदय, अनुमण्डल पदाधिकारी महोदय द्वारा मुझे यह कहकर बार बार अपमानित किया जा रहा है कि मैं निर्वाचन कार्य में रुचि नहीं लेता हूं परन्तु महोदय इसी वर्ष निर्वाचन आयोग द्वारा ही मतदाता दिवस पर मुझे AERO के रूप में बेहतर कार्य हेतु बेस्ट AERO का राज्य स्तरीय आवर्ड प्रदान किया गया है और बारसोई प्रखण्ड के बेहतर प्रदर्शन के आधार पर वर्तमान अनुमण्डल पदाधिकारी महोदय को भी उक्त तिथि को ही बेस्ट ERO का अवार्ड प्राप्त हुआ है।

“महोदय, विगत कई दिनों से अनुमण्डल पदाधिकारी महोदय द्वारा मुझे विभिन्न तरीकों से नीचा दिखाने का कार्य किया जा रहा है। मुझे गहन पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा बैठकों तक में नहीं बुलाया जा रहा। उनके द्वारा अन्य अधिकारियों व अनुमण्डल व प्रखण्ड के कनिष्ठ कर्मियों के समक्ष ऐसा प्रदर्शित किया जा रहा जैसे मैं किसी कार्य के योग्य नहीं हूँ और किसी भी कार्य की योजना का मुझे पता नहीं होता, जबकि प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी होते हैं। मुझे इस प्रकार दरकिनार कर फिर मुझपर ही आरोप लगाया जा रहा है कि मैं कार्य में अभिरुचि नहीं ले रहा हूँ। विगत तीन दिनों से व्हाट्सएप पर मेरे द्वारा भेजे गए मैसेज को उन्होंने देखा तक नहीं है, न ही गहन पुनरीक्षण कार्य सम्बन्धी या किसी भी अन्य कार्य से सम्बन्धी उनका कोई कॉल आया है। जान बूझकर बस एक रात्रि शिविर की बात को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर मुझे टारगेट किया जा रहा है।”

आगे वह लिखते हैं, “जब किसी व्यक्ति विशेष को टारगेट कर सिर्फ उसे अपमानित करने और अयोग्य सिद्ध करने के उद्देश्य से इस प्रकार का कार्य किया जाए और जानबूझ कर उसे पूरे तंत्र से अलग थलग करने का प्रयास किया जाए तो यह बेहद दुखद और व्यथित करने वाला है।”

“महोदय, बेवजह लगातार इस प्रकार की मानसिक प्रताड़ना में और इस प्रकार की अपमानजनक परिस्थितियों में जहाँ बिना किसी जायज़ कारण के बार बार सभी अन्य अधिकारियों व कनीय कर्मियों के समक्ष मेरे साथ अपमानजनक व्यवहार हो रहा हो, मैं कुशलतापूर्वक व स्वस्थ मानसिक स्थिति में कार्य करने में स्वयं को अपने ही आत्मसम्मान के साथ संघर्ष करता हुआ पाता हूँ।”

उन्होंने पत्र की प्रतिलिपियां उप विकास आयुक्त, ग्रामीण विकास विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्य चुनाव आयुक्त समेत सभी वरीय अधिकारियों को भेजी हैं।

इस संबंध में जब हमने प्रखंड विकास पदाधिकारी हरि ओम शरण से संपर्क करने की कोशिश की, तो संपर्क नहीं हो सका।

जबकि इस मामले में दीक्षित श्वेतम अनुमंडल पदाधिकारी, बारसोई का कहना है कि बारसोई बीडीओ द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

बीडीओ बारसोई द्वारा उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशनों एवं तय किये गए कार्यों के निष्पादन की दिशा में अभिरुचि नहीं ली जा रही थी। इसी को लेकर उनको कहा गया था। मानसिक प्रताड़ना की बात पूरी तरह से निराधार है।

ज्ञात हो कि अनुमंडल पदाधिकारी, बारसोई दीक्षित श्वेतम कटिहार जिले के बरारी विधानसभा से जदयू विधायक बिजय सिंह के दामाद हैं।

36 बीएलओ को ‘कारण बताओ नोटिस’

बीते 11 जुलाई को कटिहार जिले के बलरामपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय से पत्रांक-1002 जारी करते हुए प्रखंड के 36 बीएलओ को विशेष गहन पुनरीक्षण का गणना प्रपत्र कम जमा करने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।

नोटिस में कहा गया है, “अधोहस्ताक्षरी एवं अनुमंडल पदाधिकारी बारसोई के द्वारा सतत रूप से आप सभी बीएलओ को गणना प्रपत्र संग्रहित करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन आपके द्वारा कार्य की प्रगति असंतोषजनक है। यह कार्यशैली प्रदर्शित करता है कि आप अपने कार्य के प्रति लापरवाह, उदासीन एवं स्वेच्छाचारी हैं, साथ ही यह कृत वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना को भी दर्शाता है।

इस संबंध में आप सभी अपना-अपना स्पष्टीकरण पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अन्दर अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में उपस्थित होकर देना सुनिश्चित करेंगे। आपके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर अंतिम निर्णय होने तक आप सभी का दिनांक 04.07.2025 से 11.07.2025 तक का वेतन अगले आदेश तक के लिए अवरूद्ध किया जाता है। आप सभी बीएलओ को निदेश दिया जाता है कि दिनांक 14.07. 2025 तक कुल मतदाताओं का 90 प्रतिशत गणना प्रपत्र संग्रहित करेंगे, अन्यथा की स्थिति में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- जिला पदाधिकारी, कटिहार को अग्रेतर कार्रवाई हेतु प्रतिवेदित किया जाएगा।”

क्या कहते हैं बीएलओ

इस संबंध में जब हमने उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिकनी साहुटोला के बीएलओ जानकी देवी से फोन पर बात की, तो उन्होंने बताया कि उनके बूथ में मात्र 764 ही मतदाता हैं। 11 जुलाई को उन्होंने 300 फॉर्म जमा दिया था लेकिन फिर भी नोटिस आ गया।

प्राथमिक विद्यालय सिहपुर के बीएलओ स्वामीनाथन बोसाक ने बताया कि नोटिस आया था। लेकिन क्या करें हम लोग तो क्षेत्र में काम कर ही रहे हैं।

हमने बलरामपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार सिंह से फोन पर बात कर कारण बताओ नोटिस के बारे में और काम के दबाव के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “कोई बात करनी हो तो मेरे ऑफिस में आकर बात करें।” इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया।

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