टीन की छत और टीन की दीवारों से बना यह कमरा ईसाइयों का प्रार्थना स्थल था, अब यहां टूटी हुई कुर्सियां, टूटे हुए कीबोर्ड और अन्य सामान बिखरे पड़े हैं।
बिहार के कटिहार जिला अंतर्गत सहायक थाना क्षेत्र के टीवी टावर डुमरीखाल मोहल्ले में स्थित इसी कमरे में ईसाई आदिवासी समुदाय के लोग 10 अगस्त की सुबह प्रार्थना कर रहे थे, जब बजरंग दल से जुड़े लगभग चार दर्जन लोग आंधी की तरह दाखिल हुए और प्रार्थना में लीन पुरुषों, महिलाओं और बच्चों पर हमला कर दिया, कमरे में जबरदस्त तोड़फोड़ की।
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चश्मदीदों का बयान
45 वर्षीय पप्पू उरांव ऑटो चलाकर अपना पेट पालते हैं। उन्होंने करीब 20 साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था। प्रार्थना में वह भी शामिल थे। हमलावरों ने उनके सिर पर ऐसा वार किया था कि वह बेहोश हो गये थे। जब होश आया, तो देखा कि कमरे का सामान बिखरा पड़ा है और हमलावर लगातार लोगों को पीट रहे हैं।
इस हमले में 10 से 12 लोग जख्मी हुए हैं, जिनमें पुरुष, बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से कुछ का प्राथमिक उपचार कर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वे फिलहाल अपने घर पर हैं। अन्य लोगों की घर पर ही मरहम पट्टी हुई है।
जिस वक्त हमला हुआ, उस वक्त लगभग 25-30 लोग प्रार्थना कर रहे थे। प्रार्थना करने वालों में 40 साल की रजिया देवी, उनका पति और बच्चे भी शामिल थे। रजिया देवी के हाथ में चोट लगी है। हमले को याद करते हुए वह कहती हैं कि हमलावर गंदी-गंदी गालियां देते हुए हमले कर रहे थे। जो सामान मिल रहा था, उसी से मार रहे थे, उन्होंने महिलाओं से छेड़छाड़ की और कमरे में रखा म्यूजिक सिस्टम, ढोलक, चावल, पैसा और मोबाइल लूट ले गये।
मोहल्ले में दर्जनभर ईसाई परिवार रहते हैं। सभी ने डेढ़-दो दशक पहले ही ईसाई धर्म अपनाया है। स्थानीय निवासी सरिता बताती हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है कि उन पर हमला किया गया। हमलावरों ने गर्भवती महिलाओं और लड़कियों तक को नहीं छोड़ा।
कौन हैं आरोपी?
पीड़ितों में शामिल झंटू उरांव की तरफ से थाने में दिये गये आवेदन में बजरंग दल से जुड़े पवन पोद्दार व अनीस सिंह और अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, पवन पोद्दार ने कहा है कि उप मेयर का चुनाव लड़ने के लिए उसने तीन साल पहले बजरंग दल छोड़ दिया है। पोद्दार से हमारी मुलाकात भाजपा नेता व पार्टी के एमएलसी अशोक अग्रवाल के घर पर हुई। अशोक अग्रवाल की पत्नी उषा देवी अग्रवाल कटिहार की मेयर हैं।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व 2005 से लगातार कटिहार के भाजपा विधायक तारकिशोर प्रसाद ने बजरंग दल व विश्व हिन्दू परिषद को इसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा है, ये भारत को कमज़ोर करने की बड़ी साजिश है। यहां की जनता और हमारे जैसे जनप्रतिनिधि ये कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। धर्मांतरण के नाम पर सीमांचल को कमज़ोर करने की साज़िश बिलकुल नहीं होने देंगे।
पवन पोद्दार ने हमले के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह घटनास्थल पर नहीं गये थे बल्कि बाद में थाने में गये थे। उन्होंने राजेश राज उर्फ राजेश कुमार दास नाम के शख्स का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें लगातार कई दिनों से प्रार्थना सभा में शामिल होने को कहा जा रहा था। वह रविवार को वहां पहुंचे, देखा कि आपत्तिजनक बातें कही जा रही थीं।
इस मामले में राजेश राज उर्फ राजेश कुमार दास की तरफ से भी एक आवेदन स्थानीय थाने में दिया गया है, जिसमें उन्होंने धर्मांतरण करने के लिए प्रलोभन देने का आरोप लगाया है। आवेदन में उन्होंने बताया है कि धर्मांतरण का प्रलोभन मिलने पर उन्होंने अपने कुछ साथियों को वहां बुलाया, तो दूसरे पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। लेकिन, हमले का शिकार हुए ईसाई लोग राजेश राज के आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं।
35 साल की सरिता देवी उस रोज प्रार्थना में बैठी थी और अपनी आंखों के सामने हमला होते देखा था। वह बताती हैं कि बजरंग दल के 40-45 लोग भीतर दाखिल हुए और बिना कुछ पूछे, बिना कुछ बताए अंधाधुंध मारपीट करने लगे।
आंकड़े बताते हैं कि बिहार में ईसाइयों पर हमले की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। United Christian Forum की ओर दिये गये आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में इस साल अब तक ईसाइयों पर हमले की 22 घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले साल ईसाइयों पर 27 बार हमले हुए थे। पिछले दस साल के आंकड़े लें तो 2014 से 2024 तक सूबे में ईसाइयों पर हमले की 152 वारदातें हो चुकी हैं।
इस मामले में अनीश सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी हैं। अनीश के परिवार और कटिहार के आला पुलिस पदाधिकारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने हमें फ़ोन पर बताया कि मामले की छानबीन चल रही है। हमलावरों की शिनाख्त के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है। दोनों शिकायतों के एंगल से जांच की जा रही है।
इधर, हमले के बाद पीड़ित परिवार डरे हुए हैं क्योंकि हमलावरों ने ये धमकी भी दी है कि अगर दोबारा ऐसा हुआ, तो वे फिर हमले करेंगे।
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