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बरसात मे निर्माण, सड़क की जगह नाव से जाने को विवश हैं ग्रामीण

सीमांचल में ग्रामीण कार्य विभाग के संवेदक की निष्क्रियता की वजह से कैसे ग्रामीण परेशान होते हैं, इसका जीता जागता उदहारण इन दिनों पूर्णिया ज़िले के बायसी प्रखंड में देखने को मिल रहा है। बायसी प्रखंड की हरिनतोड़ पंचायत और खपरा पंचायत के बीच माला-सकरबलिया पथ पर संवेदक ने बरसात से ठीक पहले निर्माण कार्य शुरू कर दिया।

Tanzil Asif is founder and CEO of Main Media Reported By Tanzil Asif |
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Baisi Mala Sakarbaliya incomplete pul

सीमांचल में ग्रामीण कार्य विभाग के संवेदक की निष्क्रियता की वजह से कैसे ग्रामीण परेशान होते हैं, इसका जीता जागता उदहारण इन दिनों पूर्णिया ज़िले के बायसी प्रखंड में देखने को मिल रहा है। बायसी प्रखंड की हरिनतोड़ पंचायत और खपरा पंचायत के बीच माला-सकरबलिया पथ पर संवेदक ने बरसात से ठीक पहले निर्माण कार्य शुरू कर दिया। लगभग 1.5 करोड़ की लागत से बनने वाली इस 26.30 मीटर लंबी RCC बॉक्स कलवर्ट का निर्माण इस साल अप्रैल माह के अंत में शुरू किया गया। इस काम को एक साल यानी अप्रैल 2023 तक पूरा कर लेना है। लेकिन, काम शुरू होने के दो महीनों के अंदर ही इलाके में भारी बरसात होने लगी और पुल के पास आवगमन के लिए बनाया गया डायवर्सन सड़क किसी काम का नहीं रहा। गाँव वाले बताते हैं कि पहले इस सड़क से ग्रामीण आसानी से आना जाना करते थे, लेकिन अब यह नौबत है कि यहाँ तीन नावें चलायी जा रही हैं। गाँव वाले बायसी प्रखंड मुख्यालय और पूर्णिया जिला मुख्यालय अब तैर कर जाते हैं या नाव से।


baisi purnia

ग्वालगाँव निवासी पूर्व चौकीदार कुसुम लाल राय नाव के सहारे सड़क की दूसरी तरफ आए। वो बताते हैं, ये काम अगर कुछ महीने पहले शुरू होता, तो ऐसी दिक्कत नहीं आती। अब संवेदक पुल को अधूरा छोड़ कर चला गया है। वह बताते हैं, “अक्टूबर-नवंबर से पहले इस काम का वापस शुरू होना मुश्किल है।”

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माला गाँव निवासी टेम्पू चलाने वाले युवा छोटू कुमार बताते हैं, यह सड़क सही थी, लेकिन पुल बनवा कर लोगों की मुसीबत बढ़ा दी गई। इससे दर्जनों गाँव प्रभावित हैं।


इसी जगह पर नाव चला रहे एक नाविक नरेश कुमार महलदार बताते हैं, स्थानीय प्रशासन ने 450 रुपए की दिहाड़ी पर यहाँ तीन नाव चलवाए हैं। एक नाव पर दो नाविक रहते हैं।

कुसुम बताते हैं, यहाँ एक दिन पहले नाव से एक हादसा होते होते बचा है।

स्थानीय बायसी विधायक सैयद रुकनुद्दीन अहमद इसका दोष संवेदक देते हुए कहते हैं. संवेदक की वजह से वह पथ बाधित है। इसकी शिकायत संबंधित विभाग से की गयी है।

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तंजील आसिफ एक मल्टीमीडिया पत्रकार-सह-उद्यमी हैं। वह 'मैं मीडिया' के संस्थापक और सीईओ हैं। समय-समय पर अन्य प्रकाशनों के लिए भी सीमांचल से ख़बरें लिखते रहे हैं। उनकी ख़बरें The Wire, The Quint, Outlook Magazine, Two Circles, the Milli Gazette आदि में छप चुकी हैं। तंज़ील एक Josh Talks स्पीकर, एक इंजीनियर और एक पार्ट टाइम कवि भी हैं। उन्होंने दिल्ली के भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से मीडिया की पढ़ाई और जामिआ मिलिया इस्लामिआ से B.Tech की पढ़ाई की है।

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