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Umesh Kumar Ray started journalism from Kolkata and later came to Patna via Delhi. He received a fellowship from National Foundation for India in 2019 to study the effects of climate change in the Sundarbans. He has bylines in Down To Earth, Newslaundry, The Wire, The Quint, Caravan, Newsclick, Outlook Magazine, Gaon Connection, Madhyamam, BOOMLive, India Spend, EPW etc.

शराब की गंध से सराबोर बिहार का भूत मेला: “आदमी गेल चांद पर, आ गांव में डायन है”

बलि के लिए स्थानीय लोग सूअर के पिल्लों, मुर्गियों, अंडों और शराब लेकर मेले में पहुंचे थे। यह आयोजन उनके लिए रोजगार था। मैदान में चाकू लेकर एक दर्जन से अधिक डोम और…

बिहार विधानसभा व कैबिनेट में किन जातियों को कितना प्रतिनिधित्व मिला है? 

बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से 38 सीटें ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं, जो कुल सीटों का 15.5 प्रतिशत है। हालांकि अनुसूचित जाति की आबादी ताजा आंकड़ों के मुताबिक…

‘ठाकुर का कुआं’ कविता पर विवाद की वजह क्या है?

बिहार में विपक्षी पार्टियों, खास तौर से भाजपा ने तो इसके लिए राजद की आलोचना की ही है, राजद के भीतर भी इसको लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं और सहयोगी पार्टी…

पटना में महादलित महिला को निर्वस्त्र करने की पूरी घटना क्या है?

40 वर्षीय सोमा देवी, चमार समुदाय से आती हैं, जो बिहार में महादलित समूह में शामिल है। 23 सितंबर की रात गांव के ही यादव समुदाय के प्रमोद सिंह यादव व उसके पुत्र…

डालमियानगर औद्योगिक कस्बा के बनने बिगड़ने की पूरी कहानी

रामकृष्ण डालमिया का जन्म 7 अप्रैल 1893 में राजस्थान के एक छोटे से गांव में हुआ। उन दिनों कलकत्ता देश की औद्योगिक राजधानी हुआ करती थी। हर राज्य के लोगों के लिए रोजगार…

डालमियानगर के क्वार्टर्स खाली करने के आदेश से लोग चिंतित – “बरसात में घोंसले भी नहीं उजाड़े जाते”

1930-1933 के आसपास विकसित हुआ डालमियानगर अगले पांच दशकों तक औद्योगिक कस्बों का सिरमौर रहा। लेकिन, साल 1970 के बाद डालमियानगर के दुर्दिन शुरू हो गये। एक के बाद एक इकाइयां बंद होने…

कानून में प्रावधान नहीं फिर भी शराब मामले में नकदी जब्त, अब कोर्ट सुन रहा, न डीएम-एसपी

जहानाबाद जिले के टिकुलिया गांव के रहने वाले 55 साल के बृजलाल यादव 12 दिसम्बर 2021 की दोपहर खेत में धान की कटनी कर रहे थे, तभी उन्हें खबर मिली कि काको थाने…

बिहार के दरभंगा में दो दिनों से क्यों बंद है इंटरनेट सेवा?

नालंदा के अलावा सहरसा और रोहतास में भी तनाव हो गया था और वहां भी इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। इससे पहले इसी साल फरवरी में सारण में भी इंटरनेट सेवा…

क्या अवैध तरीके से हुई बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सचिव की नियुक्ति?

बिहार सरकार ने पिछले साल एक अक्टूबर को बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सचिव के पद पर संविदा पर विनोद कुमार की नियुक्ति की थी। इससे पहले वह विधान परिषद में ही निदेशक-सह-कार्यकारी…

बिहार में कम बारिश से धान की रोपाई पर असर, सूखे की आशंका

मई से ही बारिश कम होने के चलते बहुत सारे जिलों में लक्ष्य से कम बिचरा डाला गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भागलपुर डिविजन, जिसमें भागलपुर और बांका…

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में राजनीतिक हिंसा की वजह क्या है?

पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही राजनीतिक हिंसा की खबरें सुर्खियां बनने लगी हैं। पंचायत चुनाव के नामांकन को लेकर अब तक पश्चिम बंगाल के तीन…

“SSB ने पीटा, कैम्प ले जाकर शराब पिलाई” – मृत शहबाज के परिजनों का आरोप

मैं मीडिया’ ने शहबाज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट हासिल की है, जिसमें उसके हाथ, पैर, मुंह, सिर समेत अन्य जगहों पर जख्म के 11 निशान होने का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में मौत…

शिक्षक नियुक्ति नियमावली के विरोध पर कार्रवाई का आदेश क्यों असंवैधानिक है

बिहार सरकार ने पिछले दिनों एक अजीबोगरीब आदेश निकाला। इस आदेश के अनुसार अध्यापक नियुक्ति नियमावली के विरोध में आंदोलन करने पर आंदोलनकारी शिक्षकों पर कार्रवाई की जायेगी।

क्यों बाबा बागेश्वर का बिहार दौरा धार्मिक नहीं राजनीतिक भी है

धीरेंद्र शास्त्री के पटना आगमन को लेकर राजनीतिक बयानबाजियां खूब हुईं। बिहार में राजद नेता व पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्री तेज प्रताप यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के बिहार आने से पहले कहा…

बिहार जातीय गणना के खिलाफ कोर्ट में याचिकाओं का BJP-RSS कनेक्शन

जातिगत सर्वेक्षण के खिलाफ दो संगठनों और कुछ व्यक्तियों ने याचिकाएं डाली थीं। जिन दो संगठनों के नाम याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं, उनमें एक ‘यूथ फॉर इक्वेलिटी’ और दूसरा ‘एक सोच एक प्रयास’…

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सुपौल: देश के पूर्व रेल मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के गांव में विकास क्यों नहीं पहुंच पा रहा?

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बीपी मंडल के गांव के दलितों तक कब पहुंचेगा सामाजिक न्याय?

सुपौल: घूरन गांव में अचानक क्यों तेज हो गई है तबाही की आग?