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एल एन एम आई पटना और माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पढ़ा हुआ हूं। फ्रीलांसर के तौर पर बिहार से ग्राउंड स्टोरी करता हूं।

सुपौल: पारंपरिक झाड़ू बनाने के हुनर से बदली जिंदगी

आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ भारत मिशन का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहे सुपौल के इस कुटीर उद्योग में सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है।

ग्राउंड रिपोर्ट: बैजनाथपुर की बंद पड़ी पेपर मिल कोसी क्षेत्र में औद्योगीकरण की बदहाली की तस्वीर है

लगभग 48 एकड़ भूमि में फैला बैजनाथपुर पेपर मिल लगभग 45-47 साल से बंद है। हर बार चुनाव होता है, तो इस पेपर मिल का मुद्दा उछलता है, मगर इससे आगे कुछ नहीं…

18 साल बाद पाकिस्तान की जेल से छूटा श्याम सुंदर दास

श्याम सुंदर दास बिहार के सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भवानीपुर दक्षिण वार्ड नंबर 3 के रहने वाले हैं। वह 24 अक्टूबर को 18 साल के बाद पाकिस्तान की जेल से…

सुपौल: करोड़ों रुपए लगने के बावजूद पर्यटक स्थल के रूप में नहीं उभर पाया गणपतगंज मंदिर

कोसी क्षेत्र के प्रसिद्ध डॉक्टर पीके मल्लिक ने सुपौल के गणपतगंज की भूमि पर वैष्णव धर्म की शुरुआत करते हुए विष्णु धाम यानी वरदराज पेरुमल देवस्थान बनाने की शुरुआत की।

कोसी क्षेत्र में क्यों नहीं लग पा रहा अपराध पर अंकुश

सुपौल: 24 अगस्त 2019 की शाम बिहरा थाना क्षेत्र के पुरीख स्थित सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग पर वाटर प्लांट के सामने नरसिंह झा को बाइक सवार बदमाशों ने लूट के दौरान गोली मारकर हत्या…

कोसी क्षेत्र : मौसम की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए मखाना की खेती कर रहे किसान

“पहले मैं 4 बीघा खेत में धान और गेहूं की खेती करता था। इनमें लगभग 2 बीघा खेत की जमीन गहरी थी। जब बारिश ज्यादा होती थी, तो फसल बर्बाद हो जाती थी।…

सुपौल: पानी में प्रदूषण से गांवों में फैल रहा आरओ वाटर का कारोबार, गरीबों का बढ़ा खर्च

देश की राजधानी दिल्ली से 1200 और बिहार की राजधानी पटना से 250 किलोमीटर दूर बिहार के सुपौल जिले की लौउढ पंचायत के भैलाई टोले में 200 घर हैं। इनमें सिर्फ दो लोग…

केले के कूड़े को बनाया कमाई का जरिया

बिहार के सुपौल जिले के गणपतगंज नामक क्षेत्र में स्थित विष्णु मंदिर की तुलना चेन्नई के प्रसिद्ध विष्णु मंदिर से की जाती है। आज के वक्त में कोसी इलाका और सुपौल जिले की…

सुपौल: सड़क के अभाव में थम जाती है नेपाली गांव की ज़िंदगी

देश की राजधानी दिल्ली से 1100 किलोमीटर और राज्य की राजधानी पटना से 300 किलोमीटर दूर सुपौल के त्रिवेणीगंज मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित नेपाली गांव के लोगों को…

60 साल से एक अदद ओवरब्रिज के लिए तरस रहे सहरसा के लोग

“ओवर ब्रिज के बारे में 40 वर्षों से सुन रहे हैं। पूरे शहर में जाम लग जाता है इस ओवरब्रिज की वजह से। कई बार जाम की वजह से एंबुलेंस में लोगों की…

क्या चुनावी रंजिश में भीड़ के सामने काट दी गई लड़की की नाक?

पटना से ढाई सौ किलोमीटर दूर सुपौल जिले की लाउढ़ पंचायत में 19 मार्च की देर रात मोहम्मद मुर्तजा की बेटी आसमीन परवीन को बाल पकड़ कर घसीटते हुए मारा गया।

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