Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

बाहुबली अनंत सिंह ने खेला सियासी खेल, अपने संग पत्नी का नामांकन कराया

बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों का एलान हो चुका है। 8 अक्टूबर को पहले फेज के नामांकन की आखिरी तारीख है। ऐसे में अब एक दिन का ही वक्त शेष है। ऐसे में पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों को उतारना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मोकामा सीट

Reported By Sahul Pandey |
Published On :
anant-singh-and-his-wife-files-nomination-for-mokama-assembly-seat

[vc_row][vc_column][vc_column_text]बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों का एलान हो चुका है। 8 अक्टूबर को पहले फेज के नामांकन की आखिरी तारीख है। ऐसे में अब एक दिन का ही वक्त शेष है। ऐसे में पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों को उतारना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मोकामा सीट भी चर्चा में है। यहां से इस बार फिर से अनंत सिंह ने नामांकन भरा है लेकिन राजद के टिकट पर। लेकिन यह सीट एक और कारण से चर्चा में हैं। अनंत सिंह ने सियासी खेल खेलते हुए इस बार अपने नामांकन के साथ ही अपनी पत्नी को भी मैदान में उतार दिया है।


अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन भरा है। ऐसा माना जा रहा है कि अनंत सिंह ने चुनावी प्लानिंग के तहत ऐसा किया है। बता दें कि अनंत सिंह उन उम्मीदवारों में से हैं जो एक एक कदम फूंक – फूंककर रखते हैं. यही वजह है कि अनंत को इस बात का डर सता रहा है कि कही उनका नामांकन रद्द न हो जाए। इसी डर के कारण उन्होंने अपनी पत्नी का नामांकन करा दिया है। खबर है कि अगर अनंत सिंह का नामांकन रद्द नहीं हुआ तो उनकी पत्नी अपना नामांकन वापस ले लेगीं।

Also Read Story

सहरसा एयरपोर्ट का होगा कायाकल्प, रनवे-टैक्सीवे के लिए 42.52 करोड़ का टेंडर जारी

दुष्कर्म मामले में फ़रार पौआखाली चेयरमैन प्रतिनिधि लल्लू मुखिया सिलीगुड़ी से गिरफ्तार

TRE-4 में बाल मनोविज्ञान और बिहार से जुड़े प्रश्न शामिल करने की मांग, 886 पदों का इजाफा

TRE-4 पर BPSC की दो टूक: PT और Mains से नहीं बदलेगा फैसला, नेगेटिव मार्किंग भी रहेगी

कोसी नदी पर हाई लेवल डैम की DPR जल्द पूरी होगी, केंद्र ने दिए निर्देश; रिवर लिंक और विश्वविद्यालयों पर चर्चा

बिहार में अधिकारियों को नया निर्देश, सांसद-विधायक के फोन पर तुरंत देना होगा जवाब, पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई

BPSC TRE-4 में 32,388 शिक्षक पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी, 1 सितंबर से आवेदन

छात्रों की शिकायतों की सुनवाई के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’, 30 दिनों में कार्रवाई

बिहार में गृह, वित्त और शिक्षा समेत कई विभागों में बदलाव, 5 जिलों के DM भी बदले

[wp_ad_camp_1]


बताते चलें कि मोकामा में अनंत सिंह का पूरा दबदबा है। जिसके कारण वह अपने विरोधियों को कोई भी मौका नहीं देना चाहते। इसी कारण वो हर तरफ से खुद को इस चुनाव में सुरक्षित कर लेना चाहते हैं। बता दें कि जदयू की ओर से इस बार उनके सामने राजीव लोचन होंगे।



[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_separator border_width=”4″ css_animation=”bounceInUp”][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_single_image image=”3718″ img_size=”full” alignment=”center” onclick=”custom_link” img_link_target=”_blank” link=”https://pages.razorpay.com/support-main-media”][/vc_column][/vc_row]

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

Related News

बिहार के इन चार शहरों में लगेंगे बायोगैस प्लांट, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और कुशल युवा कार्यक्रम का विस्तार

AMRUT 2.0 के तहत पूर्णिया में ₹277.83 करोड़ की जलापूर्ति योजना, Universal MEP Projects को कॉन्ट्रैक्ट

Census 2027: पहली बार जाति, COVID-19 टीकाकरण और बैंक खातों का भी देना होगा ब्यौरा, जानिए क्या-क्या बदला

सीमांचल की रेल कनेक्टिविटी को नया विस्तार, किशनगंज–जलालगढ़ रेल लाइन को मिला ‘विशेष रेल परियोजना’ का दर्जा

बिहार में पंचायत परिसीमन की तैयारी तेज, सरकार ने जारी किए 3 करोड़ रुपये

मानव तस्करी पर बोले सीएम – “सिर्फ रेस्क्यू नहीं, पुनर्वास भी जरूरी”

बिहार में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और 19 विशेष एससी-एसटी कोर्ट, कैबिनेट की मंज़ूरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

‘हमको मार दीजिए, ज़मीन ले लीजिए’ – किशनगंज एयरपोर्ट भूमि अधिग्रहण का विरोध

Ground Report: नौकरी के लिए दुबई गए सीमांचल के 7 युवक कैसे फंसे?

बहादुरगंज NEET प्रदर्शन के बाद हुए FIR में रूस में मौजूद युवक और परीक्षा दे रहे छात्र नामजद

VB-G RAM G: लागू होने से पहले ही क्या नया कानून मनरेगा मज़दूरों का हक़ छीन रहा?

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे