बीजेपी और लोजपा का गठबंधन क्यों टूटा? क्या कारण रहा कि लोजपा एनडीए से अलग हो गई? ये वो सवाल है जिसके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के मुखिया चिराग पासवान एनडीए से अलग भी हुए तो बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिल में बसने की बात करते दिख रहे हैं। उनके हिसाब से लोजपा एनडीए से बाहर आई इसका सबसे बड़ा कारण बिहार के सीएम नीतीश कुमार हैं। लेकिन मीडिया में यह बात चलती रही कि बीजेपी और लोजपा के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बनी है।

अब इन सवालों को लेकर खुद बीजेपी के चाण्क्य कहे जाने वाले देश के गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया है। एक नीजि चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में अमित भाई शाह ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात कही है। अमित शाह ने कहा कि वो हमारे साथ क्यों नहीं है? इसके बारे में तो चिराग पासवान ही बता सकते हैं। मगर मैं पहले बहुत दुखद हूँ रामविलास जी हमारे साथ नहीं रहे, वे समाजवादी पीढ़ी के वो कार्यकता रहे जिन्होंने सामाजवाद के लिए बहुत काम किया। देश की राजनीति में उन्होंने अपने 5 दशक का योगदान दिया। खासतौर पर वो दलितों के लिए बहुत बड़े नेता रहे है, मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।

जहां तक गठबंधन की बात है, लोजपा—भाजपा—जदयू की बात है, बीजेपी और जदयू की ओर से लोजपा को उचित सीट दी गई। मेरी भी चिराग के संग बात हुई है और उचित सीट देने की बात हुई। इतनी सीटों पर आप मान जाइये और कुछ है तो नेगोशियेशन के लिए आइए। अमित शाह ने कहा कि नए दल जदयू के आने के कारण सबको कुछ दोनों की सीटें कम होनी थी। समझौता था की सीटें कम करनी है लेकिन वो नहीं हो सका। अमित शाह ने कहा कि चिराग और उनकी पार्टी की ओर से कुछ ऐसे बयान भी आए थे जिसके कारण बीजेपी के कार्यकर्ताओं में थोड़ी नाराजगी थी।

क्या बीजेपी और लोजपा चुनाव के बाद संग आएंगे? इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि चुनाव के बाद देखेंगे, फिलहाल हम चुनाव में डट कर लड़ रहे हैं, बीजेपी का हर कार्यकता बीजेपी, हम, वीआईपी और जदयू के हर उम्मीदवार को जीताने का पूरा प्रयास करेगा। अमित शाह ने कहा कि साथी के जाने का दुख भी होता हैं और नुकसान भी। लेकिन जब आपके हाथ में बात न हो तो आप कया कर सकते हैं। शाह ने कहा कि हमारे पास वीआईपी और हम आए हैं और हमारा गठबंधन सामाजिक रुप से मजबूत है। शाह ने कहा कि जनता जानती है कि गठबगंधन टूटा तो किसके कारण टूटा। उन्होंने कहा कि चुनाव में हमारा गठबंधन दो तिहाई बहुमत से जीतेगा।