बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने 2019 उपचुनाव में अपना खाता खोला और किशनगंज विधानसभा से कमरुल होदा राज्य के पहले AIMIM विधायक बने। अब 2020 विधानसभा चुनाव है और किशनगंज विधानसभा में पार्टी के लिए नयी मुश्किलें सामने आ रहीं हैं।

 

 

सूत्रों की मानें तो हैदराबाद से किशनगंज तक AIMIM के कई बड़े पदाधिकारी अपने विधायक से खुश नहीं हैं। इसकी एक बड़ी वजह भी बतायी जा रही है। AIMIM के पुराने MLAs और MPs की तरह पार्टी अपने नए विधायक से भी ये उम्मीद कर रही थी कि वो रोज़ाना दिन के कुछ घंटे पार्टी दफ्तर में बैठ कर लोगों की समस्याएं सुनेंगे। इसके के लिए AIMIM किशनगंज कार्यालय द्वारा एक सुचना भी जारी की गयी थी।

 

सुचना में कहा गया था, “आप को जान कर बेहद ख़ुशी होगी के आपके अपने विधायक कमरुल होदा साहेब आपके मसायल को देखने और उसका निदान के वास्ते दिनांक 2 December से 11:00am से 01:00pm तक हर दिन AIMIM ऑफिस चूड़ीपट्टी में मोजुद रहेंगे Inshaallah ! Friday …. office closed”.

 

AIMIM किशनगंज कार्यालय द्वारा जारी सुचना

सूत्रों की मानें तो विधायक कमरुल होदा ने पार्टी के इस आदेश को गंभीरता से नहीं लिया, पार्टी ऑफिस में रोज़ाना दो घंटे नहीं बैठे। इसके एवज चुड़ीपट्टी स्थित पार्टी दफ्तर से कुछ दूर अपने एक करीबी के आवास पर लोगों से अक्सर मिलते। जिसको लेकर पार्टी के कई पदाधिकारी विधायक कमरुल होदा से नाराज़ हैं और इस बार के चुनाव के लिए AIMIM दूसरे विकल्प भी तलाश रही है।

 

किशनगंज AIMIM दफ़्तर से थोड़ी दूर अपने एक करीबी के पश्चिमपाली स्थित आवास पर लोगों से मिलते किशनगंज विधायक कमरुल होदा

वहीं दूसरी तरफ, 2015 में AIMIM के प्रत्याशी रहे तसीरूद्दीन कांग्रेस टिकट के प्रयास में हैं और उनके उदगरा क्षेत्र में इसकी चर्चा भी शुरू हो चुकी है। पोठिया में AIMIM के कई पदाधिकारी तसीरूद्दीन ख़ेमे के हैं, उनके कांग्रेस उम्मीदवार बन जाने से प्रखंड क्षेत्र में पार्टी में दो फाड़ हो सकती है।

ज्ञात रहे की किशनगंज विधानसभा में पोठिया प्रखंड के 22 पंचायत, किशनगंज प्रखंड के 4 पंचायत और नगर क्षेत्र आता है। विधायक कमरुल होदा किशनगंज प्रखंड क्षेत्र से आते हैं, जबकि तसीरूद्दीन पोठिया प्रखंड के रहने वाले हैं।

 


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