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बिहार में पेशेवर निशानेबाजों से क्यों मरवाए जा रहे नीलगाय और जंगली सूअर?

बिहार सरकार ने पहली बार 2007 में नीलगाय को मारने की अनुमति दी थी, क्योंकि उस समय राज्य के 38 में से लगभग 31 जिलों को इस जंगली जानवर के कारण भारी फसल नुकसान का सामना करना पड़ा था।

बिहार में स्ट्रॉबेरी की खेती कर आत्मनिर्भर हो रहे किसान रहमान

जहां चाह वहां राह को साक्षात जीते अररिया के किसान अब्दुल रहमान स्ट्रॉबेरी की खेती कर सीमांचल के किसानों को प्रेरित कर रहे हैं।

किसके फायदे के लिए है इथेनॉल प्लांट? स्थानीय लोगों से न मक्का खरीदता, न रोज़गार देता

फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी से परोरा गाँव निवासी किसान दिनेश पासवान की फसल लगातार बर्बाद हो रही है।

मछली पालन में अररिया जिले की पहचान बने प्रधान बेसरा

अररिया जिले के एक आदिवासी किसान ने मत्स्य पालन में रिकॉर्ड कायम किया है। उनकी ख्याति जिले ही नहीं बल्कि बिहार की राजधानी पटना में भी पहुंच गई।

किशनगंज: मछली पालन को नया आयाम देता बायोफ्लॉक तकनीक

मुज़फ्फर कमाल सबा नामक एक कृषि उद्यमी ने अलता एस्टेट में 2020 में बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन की शुरुआत की थी।

बिहार में उग रहे हिमाचल के सेब, कम जोखिम में बढ़िया कमाई

मनजीत मंडल बताते हैं कि उन्होंने पहले सेब के कुछ पेड़ लगाकर ट्रायल किया था। नतीजा अच्छा निकलने पर साल 2021 में उन्होंने अपनी जमीन पर इसकी खेती करने का फैसला किया।

आसान तरीके से सब्जी उगा मोटी कमाई कर रहे अररिया के तफेजुल

अररिया जिले का एक अनपढ़ किसान शिमला मिर्च, गाजर के साथ अन्य सब्जियों की खेती कर दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

शीतलहर से आलू की फसल को भारी नुकसान का खतरा, किसान परेशान

शीतलहर और ठंडी हवा से अब फसल पर भी खतरा मंडराने लगा है। पछुआ हवा और बढ़ती कनकनी के कारण सबसे ज्यादा आलू की फसल प्रभावित है।

कोसी: क्यों विलुप्त होती जा रही है देसी अनाज की प्रजातियां

अभी के हालात को देखें तो लगभग दो दर्जन से भी अधिक देसी प्रजातियों के धान लुप्त होने की कगार पर हैं। साथ ही परम्परागत रूप से उसना चावल व चूड़ा तैयार करने का काम भी विलुप्त हो गया है।

Orange Farming in Darjeeling: संतरे के लिए प्रख्यात दार्जिलिंग में संतरा उत्पादन दम तोड़ रहा

दार्जिलिंग के संतरे हमेशा से प्रसिद्ध रहे हैं लेकिन पिछले दो तीन सालों में इसके उत्पादन में भारी कमी आने से यहां के किसानों को वादी के इस पारंपरिक फल उत्पादन के अंत का डर सताने लगा है।

ग्राउंड रिपोर्ट: क्या कोसी इलाके में ख़त्म हो जाएगी मक्के की खेती?

गेहूं और धान की तुलना में मक्का, किसानों को ज्यादा फायदा देता है। इसके बावजूद कोसी क्षेत्र के किसान मक्के की खेती से दूर हो रहे हैं।

पैक्स से अनाज खरीद में भारी गड़बड़ी, निजी व्यापारियों के सहारे किसान

बिहार में खरीफ सत्र 2022-23 के लिए एक नवंबर से उत्तर बिहार और 15 नवंबर से दक्षिण बिहार में धान की खरीद शुरू हो गई है।

गलत कीटनाशक के छिड़काव से मक्के की फसल बर्बाद

फलका प्रखंड क्षेत्र के महेशपुर, राजधानी, सालेहपुर एवं गोविंदपुर बहियार में कृषकों के खेत में लगी मक्के की फसल गलत कीटनाशक पाउडर के इस्तेमाल से बर्बाद हो गई।

मछलियों को विलुप्ति से बचाने के लिए फिशरीज कॉलेज की मुहिम

किशनगंज जिले में स्थित फिशरीज कॉलेज इन दिनों महानंदा नदी में पाई जाने वाली मछलियों की विभिन्न प्रजातियों पर काम कर रहा है और अब तक के शोध में नदी में मछलियों की 40 से अधिक प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है।

सुपौल: बिहार के पहले फ्लोटिंग सोलर प्लांट ने छीना मछली का कारोबार

जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सुपौल जिले में पीपरा प्रखंड के दीनापट्टी पंचायत स्थित सखुआ गांव में राजा पोखर पर फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया गया।

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