Thursday, October 6, 2022
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Agriculture

बर्मा से आये लोगों ने सीमांचल में लाई मूंगफली क्रांति

अररिया: बर्मा से आये रिफ्यूजियों ने अररिया जिला सहित सीमांचल के किसानों को एक नई फसल उगाने की तरकीब देकर कृषि क्रांति ला दी...

बिहार बीज अनुदान योजना : आधी क़ीमत पर ऐसे धान का बीज ख़रीद सकते हैं किसान

क्या आपने कभी सोचा कि क्यों बिहार के वैसे किसान जिनके पास जमीन है, वो भी वे घर द्वार खेत खलिहान छोड़छाड़ कर पंजाब...

किशनगंज में हाथियों का उत्पात जारी, मंत्री के आश्वासन के बावजूद समाधान नहीं

किशनगंज के दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र के सीमावर्ती धनतोला के मुलाबारी सहित अन्य गांवों में हाथियों का उत्पात रुकने का नाम ही नहीं ले रहा...

WATCH: अज्ञात बीमारी से दो महीने में सैकड़ों सूअरों की मौत

कोरोना महामारी के बीच किशनगंज में पालतू सूअरों की मौत से लोगों में दहशत है। पिछले दो माह में जिले में पांच सौ से ज्यादा सुअरों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों सुअर अभी भी इस अज्ञात बीमारी की चपेट में हैं।

सीमांचल में बढ़ रहा हाथियों का उत्पात, घरों और फसलों को पहुंचा रहे नुकसान

किशनगंज में हाथियों का उत्पात जारी है। सोमवार की अहले सुबह हाथियों के झुंड ने जिले की दिघलबैंक पंचायत अंतर्गत रामपुर काॅलोनी बस्ती में उत्पात मचाया। हाथियों ने रामपुर काॅलोनी के लखीराम सोरेन, बुध रॉय, राजू दास, लक्ष्मी देवी सहित कुल छह परिवारों के कच्चे घरों को तोड़ दिया है जबकि घर अंदर रखा अनाज जिसमें चावल, धान, सब्जी आदि को बर्बाद कर दिया। हाथियों ने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया।

सीमांचल में खाद की किल्लत बरकरार, किसान सड़कों पर उतरने को विवश

पिछले दिनों सीमांचल में खाद के लिए भगदड़ मच जाने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि सरकार इलाके में खाद की किल्लत को जल्द दूर कर देगी। मगर, यहां खाद की किल्लत अब भी बरकरार है।

‘ऐसी खाद की किल्लत हमने पहले कभी नहीं देखी’

गौरतलब हो कि भारत की लगभग 33 निजी व सार्वजनिक कंपनियां तथा को-ऑपरेटिव मिलकर हर साल 24 से 25 मिलियन टन यूरिया का उत्पादन करते हैं और 9 से 10 मिलियन टन यूरिया का निर्यात किया जाता है। इस साल भारत में रबी सीजन में कुल 179.001 लाख मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत थी। 

ग्राउंड रिपोर्ट: तो क्या अब खाद के लिए मरेंगे बिहार के किसान?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि साल 2022 तक देश के किसानों की कमाई दोगुनी हो जाएगी, लेकिन अब खेती के लिए सबसे जरूरी चीज खाद खरीदना ही किसानों के लिए एक जंग बन गया है।

अररिया: खाद के लिए हंगामा, चली टीयर गैस, हवाई फायरिंग

देशभर में खाद की किल्लत चल रही है, जिससे रबी सीजन की बुआई बुरी तरह प्रभावित हुई है। बिहार में भी खाद की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। किसानों का कहना है कि दिन-दिन भर लाइन में लगे रहने के बावजूद खाद नहीं मिल रही। कुछ जगहों पर तो रात से किसान लाइन में लग जा रहे हैं ताकि खाद मिल जाए। गुरुवार को खाद वितरण को लेकर अररिया जिले के नरपतगंज ब्लाॅक में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हो रही खाद की बिक्री के दौरान ही जबरदस्त हंगामा हो गया। हालात इस कदर बेकाबू हो गये कि पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और आरोप है कि हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।

खरगोश पालने के शौक ने बनाया उद्यमी

कटिहार में खरगोश पालने के शौकीन एक शख्स को उसके इसी शौक ने घर बैठे एक कारोबारी बना दिया। ये फिल्मी कहानी है जिले के...

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