बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से प्रोफेसरों की कमी को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने राज्य के विश्वविद्यालयों और नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में 3,687 असिस्टेंट प्रोफेसरों की कॉन्ट्रैक्ट आधारित नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की है। आयोग ने शुक्रवार 3 जुलाई को जारी विज्ञापन के माध्यम से सिर्फ छह विषयों में योग्य अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।
अभ्यर्थी 15 जुलाई तक समर्थ पोर्टल पर अप्लाई कर सकते हैं। इंटरव्यू के बाद 29 जुलाई को मेरिट लिस्ट जारी होगी।
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आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये नियुक्तियां बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में लागू की गई नई नियुक्ति नियमावली के तहत की जा रही हैं। ये नियुक्तियां राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ-साथ हाल ही में स्थापित 211 राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए भी की जाएगी।
छह विषयों में होगी भर्ती
आयोग ने फिलहाल छह विषयों में रिक्तियां जारी की हैं। इनमें सबसे अधिक पद अंग्रेजी विषय के लिए हैं।
विषयवार रिक्तियां इस प्रकार हैं:
अंग्रेजी: 674
इतिहास: 662
हिंदी: 625
अर्थशास्त्र: 597
राजनीति विज्ञान: 596
समाजशास्त्र: 533
कुल: 3,687
समर्थ पोर्टल के माध्यम से होगा आवेदन
इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को आयोग ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक अभ्यर्थियों को उच्च शिक्षा विभाग के समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया 3 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है जो 15 जुलाई 2026 तक चलेगी।
निर्धारित तिथि तक मिलने वाले सभी आवेदनों की 17 और 18 जुलाई को जांच करने के बाद इंटरव्यू के लिए लेटर जारी कर दिया जाएगा। उसके बाद 20 से लेकर 27 जुलाई तक सेलेक्टेड अभ्यर्थियों का इंटरव्यू होगा।
इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 29 जुलाई को फाइनल मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाएगी और चुने गए उम्मीदवारों को 07 अगस्त 2026 तक अपने आवंटित कॉलेज में जाकर योगदान देना होगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा जारी संविदा आधारित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी को भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। इसके अलावा शैक्षणिक योग्यता के तहत संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास NET, SET या PhD में से कोई एक निर्धारित योग्यता होना भी जरूरी है।
साथ ही जिनकी पीएचडी यूजीसी रेगुलेशन 2009 या 2016 के तहत पूरी हुई है, उन्हें नेट/सेट से छूट मिलेगी, 2009 से पहले के पीएचडी धारकों को भी छूट मिलेगी यदि उनकी डिग्री रेगुलर मोड में हो, दो बाहरी परीक्षकों द्वारा जांची गई हो, ओपेन वाइवा हुआ हो और उनके दो रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए हों।
अधिसूचना के अनुसार यदि किसी ने दुनिया की टॉप 500 क्यूएस रैंकिंग (QS Ranking) वाली यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है, तो उसे भी नेट परीक्षा से छूट मिलेगी।
इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 43 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, राज्य सरकार के आरक्षण नियमों के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट मिलेगी। आयु की गणना आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार की जाएगी।
आयोग की ओर से जारी नई नियमावली के अनुसार इस भर्ती के लिए कोई लिखित परीक्षा आयोजित नहीं होगी। अभ्यर्थियों का चयन उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था में उम्मीदवारों का मूल्यांकन 100 अंकों के पैमाने पर होगा। इसमें 88 अंक एकेडमिक स्कोर के लिए निर्धारित हैं, जबकि 12 अंक इंटरव्यू के लिए होंगे।
अकादमिक स्कोर में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को शामिल किया जाएगा—
ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन में प्राप्त अंक, NET, CSIR-NET, SET और JRF जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं की योग्यता, पीएचडी (Ph.D.) की डिग्री, यूजीसी मान्यता प्राप्त रिसर्च पब्लिकेशन और विश्वविद्यालय या महाविद्यालय स्तर का शिक्षण अनुभव।
दोनों चरणों में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन और विश्वविद्यालय का आवंटन होगा।
इंटरव्यू में क्या देखा जाएगा?
इंटरव्यू कुल 12 अंकों का होगा। इसमें अभ्यर्थी की विषय पर पकड़, पढ़ाने का कौशल, शोध दृष्टिकोण और उच्च शिक्षा में योगदान की संभावनाओं को परखा जाएगा। नई चयन प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य और शोध उन्मुख अभ्यर्थियों का चयन करना है।
यह भर्ती ऐसे समय में आई है जब हाल ही में बिहार सरकार ने विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए नई नियमावली लागू की है। नई व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का दावा किया गया है। इसी नियमावली के तहत तत्काल आवश्यकता को देखते हुए संविदा आधारित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई है।
आयोग की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जा रही है। यानी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति स्थाई नहीं होगी।
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